वंदे मातरम् पर कांग्रेस का बड़ा फैसला, सिर्फ पहले दो छंद गाएगी पार्टी

HIGHLIGHTS
- पार्टी के कार्यक्रमों में अब सिर्फ शुरुआती दो छंद गाए जाएंगे।
- कांग्रेस ने 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति के तय प्रस्ताव का हवाला दिया।
- पार्टी ने परिसीमन में लोकसभा की 543 सीटें अगले 25 वर्षों तक बनाए रखने का समर्थन किया।
नई दिल्ली। कांग्रेस ने वंदे मातरम् के पूरे गायन को लेकर चल रहे विवाद के बीच अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी ने कहा है कि वह अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल शुरुआती दो छंदों का ही गायन करेगी, पूरे गीत का नहीं।
कांग्रेस के मुताबिक, वंदे मातरम् उसके लिए भावनात्मक महत्व रखता है। पार्टी 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा महात्मा गांधी, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और रवींद्र नाथ टैगोर के संदर्भ में तय की गई गायन की पंक्तियों के अनुसार ही इसका गायन करेगी।
यह बदलाव तीन दिनों के भीतर आया है। 15 अगस्त को कांग्रेस के कार्यक्रम में वंदे मातरम् के सभी छंद गाए गए थे। उस समय इस आरोप को भी खारिज किया गया था कि सोनिया गांधी ने गायन को बीच में रोकने की कोशिश की थी।
कांग्रेस कार्यसमिति ने स्पष्ट कर दिया है कि मानसून सत्र में मोदी सरकार द्वारा वंदे मातरम् की सभी पंक्तियों के गायन को लेकर पारित कानून का पार्टी अपने कार्यक्रमों में पालन नहीं करेगी। इसे सरकार के विरोध के कांग्रेस के नए रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
परिसीमन पर भी कांग्रेस का स्पष्ट रुख
परिसीमन के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी लोकसभा की सीटें बढ़ाने के खिलाफ है और अगले 25 वर्षों तक लोकसभा में 543 सीटें बनाए रखने के साथ इन्हीं सीटों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करने के पक्ष में है।
इसके अलावा, जेन-जी के पेपर लीक और श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने देशव्यापी अभियान चलाने का फैसला किया है।
देश के 800 छोटे-बड़े शहरों में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं के परीक्षा और रोजगार से जुड़े सवालों को व्यापक स्तर पर उठाने का निर्णय लिया गया है। वहीं, हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण के जरिए मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान के मुद्दे पर भी भाजपा-संघ को घेरने की घोषणा की गई है।
कार्यसमिति की बैठक में वंदे मातरम् को लेकर उठे ताजा विवाद पर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को गोवा में ही स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के गायन के संबंध में 90 साल पहले पारित प्रस्ताव का ही पालन किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के नेताओं ने इस रुख से सहमति जताई। आनंद शर्मा सहित कुछ वरिष्ठ नेताओं ने 1937 के प्रस्ताव के साथ संविधान सभा की 24 जनवरी 1950 की अंतिम बैठक में राजेंद्र प्रसाद के भाषण का भी इस संदर्भ में विस्तृत उल्लेख किया।
चार घंटे तक चली कार्यसमिति की बैठक
चार घंटे चली कार्यसमिति की बैठक के बाद कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में प्रेस कांफ्रेंस हुई। स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम् के पूरे गायन को लेकर उठे विवाद के सवाल पर पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इस मामले में कुछ भ्रम हुआ था, लेकिन कांग्रेस का रुख स्पष्ट है।
उन्होंने कहा कि 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति के वंदे मातरम् गायन संबंधी प्रस्ताव को महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद, गोविंद बल्लभ पंत, आचार्य नरेंद्र देव, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल जैसे नेताओं के साथ गुरु रवींद्र नाथ टैगोर ने तय किया था। उन्होंने कहा कि यह उन सभी का निर्णय था और कांग्रेस कार्यकर्ता उसी के अनुसार पहले दो छंदों का ही गायन करेंगे।
पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन पर भी कार्यसमिति में लंबी चर्चा हुई। बैठक में कहा गया कि युवा वर्ग मोदी सरकार से हताश और निराश है तथा कांग्रेस को पूरे देश में यह दिखाना होगा कि पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है।
इसी के तहत 800 शहरों में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को विस्तार देने का फैसला किया गया। इन कार्यक्रमों में कई शहरों में राहुल गांधी भी शामिल होंगे।
सूत्रों के अनुसार, चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का आक्रोश केवल जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। उन्होंने पेपर लीक, अर्थव्यवस्था खराब होने के कारण नौकरियों में कमी और सार्वजनिक संपत्तियों तथा कारोबार को कुछ उद्योगपतियों को दिए जाने जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया।
युवा और छात्र कांग्रेस के साथ
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने इसे एक धराशायी हो चुके प्रधानमंत्री का थकाऊ भाषण बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस के जो लोग मोदी को सत्ता में लेकर आए थे, वही अब उनका विकल्प तलाश रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संभव है कि अगले सात-आठ महीनों में मोदी प्रधानमंत्री न रहें। उनके मुताबिक, भाजपा को पता है कि मोदी के चेहरे के सहारे 2029 का चुनाव जीतना संभव नहीं होगा।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश के किसी भी नेता की तुलना में उन्होंने हाल के समय में युवाओं के बीच जाकर उनसे सबसे अधिक संवाद किया है और सर्वे भी कराया है। इसी आधार पर उनका स्पष्ट मानना है कि युवा कांग्रेस के साथ हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं से भी खुलकर यह कहने को कहा कि युवा और छात्र कांग्रेस के साथ हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी और चीन तथा अमेरिका के दबाव में विदेश नीति होने के मुद्दे पर भी राहुल गांधी ने सरकार की नीतियों के खिलाफ पार्टी नेताओं को अधिक मुखर होने को कहा।
कार्यसमिति ने बैठक में मौजूद कांग्रेस के चारों मुख्यमंत्रियों से छात्रों से मुलाकात करने और शिक्षा तथा परीक्षा व्यवस्था के संबंध में उनके विचार जानने को कहा। मुख्यमंत्रियों से इन विचारों की जानकारी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को देने के लिए भी कहा गया।
चढ़ावा चोरी के खिलाफ कांग्रेस करेगी प्रदर्शन
चढ़ावा चोरी के खिलाफ प्रस्ताव पारित करते हुए कांग्रेस ने देशभर में भाजपा-संघ के खिलाफ अभियान चलाने का फैसला किया।
वेणुगोपाल ने कहा कि चंदा चोरी देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उनके मुताबिक, श्रीराम मंदिर और धर्म को ध्रुवीकरण के लिए इस्तेमाल करने वाले भाजपा-संघ के लोग इस चोरी के मामले से बेनकाब हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चुप हैं और कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। इसलिए कांग्रेस ब्लाक से लेकर प्रदेश स्तर तक चंदा चोरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और जागरूकता अभियान चलाएगी।
परिसीमन बिल का विरोध
लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए परिसीमन बिल लाने का विरोध करते हुए कांग्रेस कार्यसमिति ने प्रस्ताव पारित किया। पार्टी ने कहा कि अगले 25 वर्षों तक सीटें बढ़ाने की जरूरत नहीं है और देश के सामने इससे अधिक महत्वपूर्ण सवाल हैं।
कांग्रेस ने मौजूदा सीटों के आधार पर ही महिला आरक्षण को 2029 के आम चुनाव से लागू करने की मांग की।
वहीं, ई-20 युक्त ईंधन से वाहन मालिकों को होने वाले नुकसान पर चिंता जताते हुए कांग्रेस ने उनकी समस्या का तत्काल समाधान निकालने की जरूरत बताई।
वंदे मातरम् पर कांग्रेस के रुख की भाजपा ने की आलोचना
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के केवल दो पद गाने के कांग्रेस के फैसले की भाजपा ने कड़ी आलोचना की है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस कार्यसमिति में पारित प्रस्ताव को बेहद निंदनीय बताया।
सुधांशु त्रिवेदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपनी बैठक में वंदे मातरम् को लेकर जो प्रस्ताव पारित किया है, वह बेहद निंदनीय है। उनके अनुसार, कांग्रेस ने यह साबित कर दिया है कि उसके लिए पार्टी देश से ऊपर है।
उन्होंने कहा कि संविधान से मिली शक्तियों और संसद द्वारा पारित कानूनों से ज्यादा महत्व कांग्रेस अपनी कार्यसमिति के प्रस्ताव को दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस खुद को संविधान और देश से ऊपर मानती है तथा अपने पार्टी प्रस्ताव को संवैधानिक कानून से ऊपर समझती है।
सुधांशु त्रिवेदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है कि वह आज की 'नई मुस्लिम लीग' बन गई है।
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