देश के कई हिस्सों में दूषित पानी का संकट, इंदौर में 20 मौतों के बाद लोगों में डर का माहौल

भारत सरकार के जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना लगातार गति पकड़ रही है। अक्टूबर 2025 तक लगभग 15.72 करोड़ परिवारों तक नल से सुरक्षित पानी पहुंचाया जा चुका है। इसके बावजूद देश के कुछ हिस्सों में दूषित पानी से होने वाली गंभीर घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से 20 मौतों की खबर ने लोगों को झकझोर दिया।
इंदौर का मामला:
भागीरथपुरा में एक सार्वजनिक शौचालय के नीचे मुख्य पानी की पाइपलाइन में लीकेज के कारण सीवेज का पानी पाइपलाइन में मिल गया। इसके चलते हजारों लोग दूषित पानी पीने के संपर्क में आए और 20 लोगों की मौत हुई। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को रिपोर्ट में केवल चार मौतों की जानकारी दी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने छह की पुष्टि की।
उज्जैन की कॉलोनियों में समस्या:
वार्ड नंबर 34 के जयसिंहपुरा इलाके में दो महीनों से नलों से नाले जैसा काला और दूषित पानी आ रहा है। लगभग 265 परिवार इस पानी से प्रभावित हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कार्रवाई में सुस्त रहे हैं।
भोपाल में ई-कोलाई की चिंता:
भोपाल नगर निगम की जांच में चार पानी के नमूने फेल पाए गए। तीन स्थानों पर खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। नगर निगम ने प्रभावित क्षेत्रों में भूगर्भ जल का उपयोग रोकने और सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की।
गांधीनगर में टाइफाइड का खतरा:
गांधीनगर में टाइफाइड के मामलों में अचानक वृद्धि हुई। तीन दिनों में 100 से अधिक मरीज, ज्यादातर बच्चे, अस्पताल में भर्ती हुए। जांच में पानी दूषित पाया गया, जिससे टाइफाइड फैलने की आशंका जताई जा रही है।
नोएडा और लखनऊ की स्थिति:
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा-1 में दूषित पानी से बीमार हुए लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। लखनऊ में गोमती नदी के अपस्ट्रीम में सीवर और नाले का गंदा पानी सीधे जलश्रोत में मिल रहा है।
उत्तराखंड और हरियाणा के शहर:
-
काशीपुर: पुराने पाइपलाइन लीकेज के कारण आठ मोहल्लों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है।
-
ऊधमसिंह नगर: खटीमा के वार्ड नंबर 14 में नलों से गंदा पानी आ रहा है।
-
सोनीपत: जाजल गांव के पास रेनीवाल लाइन में लीकेज के कारण 10,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं।
बंगलूरू में पुरानी पाइपलाइन की समस्या:
लिंगराजपुरम में 40 साल पुरानी पाइपलाइन में घर से सीवेज का पानी पाइप में मिला। 30 घरों को पानी इस्तेमाल करने से मना कर दिया गया।
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि बड़े शहरों और कस्बों में पेयजल सुरक्षा और पाइपलाइन रखरखाव पर ध्यान न देने से लोगों का जीवन खतरे में पड़ रहा है। प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.