आय से अधिक संपत्ति मामला: पूर्व एआरटीओ ललित कुमार की संपत्तियों की जांच करेगा आयकर विभाग

HIGHLIGHTS
- पूर्व एआरटीओ ललित कुमार की संपत्तियों का ब्योरा विजिलेंस ने आयकर विभाग को भेजा।
- आईटीआर, वेतन और अन्य आय स्रोतों से संपत्तियों का किया जाएगा मिलान।
- अघोषित आय या कर चोरी मिलने पर आयकर विभाग आगे की कार्रवाई कर सकता है।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में घिरे सेवानिवृत्त सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। विजिलेंस ने जांच के दौरान मिली उनकी संपत्तियों का विवरण आयकर विभाग को सौंप दिया है। अब आयकर विभाग इन संपत्तियों और उनके द्वारा घोषित आय का मिलान करेगा।
आयकर विभाग यह पता लगाएगा कि ललित कुमार ने अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) में कितनी आय और संपत्ति दर्ज की थी और विजिलेंस की जांच में सामने आई संपत्तियां उससे कितनी अलग हैं।
कोर्ट के निर्देश के बाद बरामद सोना, चांदी और आभूषण को सुरक्षित रखने के लिए कोषागार के डबल लॉक में जमा करा दिया गया है। वहीं, बरामद नकदी को विजिलेंस के खाते में जमा कराया गया है। मामले से जुड़ी कार्रवाई की रिपोर्ट भी अदालत में पेश कर दी गई है।
आईटीआर, वेतन और संपत्तियों का होगा मिलान
सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस से जानकारी मिलने के बाद आयकर विभाग ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। विभाग जल्द ही ललित कुमार को नोटिस जारी कर उनकी आय के सभी स्रोतों की जानकारी मांग सकता है।
जांच के दौरान उनके पैन कार्ड से दाखिल आईटीआर, वेतन रिकॉर्ड, सेवा संबंधी दस्तावेज, पैतृक संपत्ति और अन्य वैध आय के स्रोतों की जांच की जाएगी। इसके बाद घोषित आय और बरामद संपत्तियों के बीच अंतर का आकलन किया जाएगा।
अघोषित आय मिलने पर हो सकती है कार्रवाई
यदि जांच में घोषित आय और मिली संपत्तियों में बड़ा अंतर सामने आता है, तो आयकर विभाग उनसे स्पष्टीकरण मांग सकता है। इसके बाद कर चोरी या अघोषित आय से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
विजिलेंस की जांच में सामने आई संपत्तियों को लेकर अब आयकर विभाग की जांच इस मामले में एक अहम कड़ी मानी जा रही है।
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