संसद में गतिरोध खत्म करने की कोशिश, किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से की मुलाकात; विपक्ष ने रखी शर्त

HIGHLIGHTS
- संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार ने बातचीत की पहल की
- किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर सहयोग मांगा
- राहुल गांधी ने अमित शाह के बयान के बाद ही सदन चलने की बात कही
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का तीसरा सप्ताह शुरू हो चुका है, लेकिन सदन में जारी गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से संपर्क किया, ताकि संसद में बने गतिरोध को खत्म करने का रास्ता निकाला जा सके।
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद स्थगित कर दी गई। इसके बाद किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से उनके चैंबर में मुलाकात की।
राहुल गांधी ने सरकार का अनुरोध ठुकराया
सूत्रों के मुताबिक, किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से परिसीमन बिल और महिला आरक्षण संशोधन बिल पर कांग्रेस का समर्थन मांगा। सरकार इन विधेयकों को मौजूदा सत्र में दोबारा पेश करने की तैयारी में है।
हालांकि, राहुल गांधी ने सरकार के इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।
राहुल गांधी ने रखी अपनी मांग
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने किरेन रिजिजू से कहा कि जब तक अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले पर चर्चा नहीं होती और 20 जुलाई को राजधानी में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह सदन में बयान नहीं देते, तब तक संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकती।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद किरेन रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और गृह मंत्री से मुलाकात की। इस दौरान संसद में जारी गतिरोध को लेकर चर्चा की गई।
वहीं, सरकार की योजना में विपक्ष के रुख के कारण अड़चन पैदा हो गई है। सरकार इस सत्र में परिसीमन बिल को पास कराने की तैयारी में थी।
सरकार को थी बिल पास होने की उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नेताओं के पाला बदलने के बाद सदन में बदले हुए संख्या बल को देखते हुए सरकार को उम्मीद थी कि वह उस विवादित बिल को पास करा सकेगी, जो पिछले सत्र में पारित नहीं हो पाया था।
विपक्ष छात्रों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई को लेकर अमित शाह को घेर रहा है और संसद में उनके बयान की मांग कर रहा है।
वहीं, सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग का फैसला मजिस्ट्रेट करता है, गृह मंत्री नहीं।
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