नेपाल में फिर बाढ़ का कहर, त्रिशूली नदी में बहा 130 मीटर लंबा झूला पुल

HIGHLIGHTS
- करीब तीन घंटे तक बाढ़ की स्थिति बनी रही।
- स्थानीय किसान इसी पुल से अपनी उपज चरौंदी पहुंचाते थे।
- नेपाल में ढाई हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।
नेपाल के मध्य हिस्से में रविवार सुबह एक बार फिर त्रिशूली नदी में बाढ़ आ गई। बाढ़ के तेज बहाव में एक सस्पेंशन ब्रिज यानी झूला पुल बह गया। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
यह पुल गंडकी प्रांत के गोरखा जिले की गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-8 के घ्यालचोक को पृथ्वी राजमार्ग के पास स्थित चरौंदी से जोड़ता था। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, करीब तीन घंटे तक बाढ़ की स्थिति बनी रही और इसी दौरान सुबह करीब साढ़े 11 बजे पुल बह गया। पुल के बहने से गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-7 और 8 के लोगों का पृथ्वी राजमार्ग से संपर्क टूट गया है।
400 परिवारों के लिए मुख्य रास्ता था पुल
130 मीटर लंबा घ्यालचोक-चरौंदी पुल करीब 400 परिवारों के लिए आने-जाने का प्रमुख मार्ग था। घ्यालचोक के लोग इसी पुल के जरिए दूध से बने उत्पाद और सब्जियां चरौंदी की कृषि सहकारी संस्था तक पहुंचाते थे। पुल बह जाने के बाद क्षेत्र के किसान अपनी फसल और अन्य उपज चरौंदी तक नहीं ले जा सकेंगे।
पहले भी बह चुका है एक पुल
इससे पहले 26 अगस्त को अचानक आई भीषण बाढ़ में धवाडीघाट का एक पुल भी बह गया था। यह पुल घ्यालचोक-चरौंदी पुल से नदी के बहाव की दिशा में कुछ दूरी पर स्थित था। इसके बाद स्थानीय लोग धवाडीघाट पुल के विकल्प के तौर पर घ्यालचोक-चरौंदी पुल का इस्तेमाल कर रहे थे।
बाढ़ से अब तक 788 लोगों की मौत
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण शनिवार तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 788 हो गई। अभी भी शव मिलने का सिलसिला जारी है। अधिकारियों ने भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी जारी की है। बाढ़ प्रभावित जिलों के लोगों और बचाव दल के कर्मचारियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, अभी भी ढाई हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। वहीं करीब 9,500 लोगों को बचाया जा चुका है।
भारतीय फॉरेंसिक टीम DNA सैंपल की जांच में करेगी मदद
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत की 19 सदस्यीय विशेष फॉरेंसिक टीम रविवार से काठमांडू में काम करेगी। अधिकारियों के अनुसार, टीम डीएनए सैंपल की जांच में मदद करेगी। इससे बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों की पहचान करने में सहायता मिलेगी।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने पोस्ट में साझा बयान में बताया कि रविवार तक चीन से नेपाल सुरक्षित पहुंचने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 403 हो गई है। यह जानकारी चीन की ओर से स्थानीय सरकार के सूत्रों के आधार पर दी गई है।
बयान के अनुसार, 500 भारतीय नागरिक अभी भी चीन की ओर हैं और वे सुरक्षित हैं। जायसवाल ने अपनी पोस्ट में रविवार रात साढ़े नौ बजे तक नेपाल में भारतीय नागरिकों की स्थिति और भारत की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी भी साझा की। बयान में नेपाल में तैनात भारतीय टनल रेस्क्यू टीम का भी उल्लेख किया गया।
भारतीय टनल रेस्क्यू टीम नेपाल में तैनात
बयान के मुताबिक, टनल रेस्क्यू ऑपरेशन टीम ने रविवार को भी अपना काम जारी रखा। टीम ने चिलिमे और लांगटांग में पनबिजली परियोजनाओं के स्थानों पर नेपाली सेना के खोज और बचाव अभियान में भी सहयोग किया।
टीम लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास स्थित एक सुरंग में प्रवेश करने में सफल रही। खराब मौसम के बावजूद टीम ने वहां से एक व्यक्ति के शव को बाहर निकाला। टीम लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास अपना मदद और बचाव अभियान लगातार जारी रखे हुए है।
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