पेपर लीक बिल पर गौरव गोगोई का हमला, बोले- शिक्षा सुधार को लेकर गंभीर नहीं सरकार

HIGHLIGHTS
- गौरव गोगोई ने लोकसभा में पेपर लीक बिल को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
- उन्होंने शिक्षा सुधारों और नीट पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरा।
- कांग्रेस नेता ने कहा कि केवल सजा बढ़ाने से शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरेगी।
नई दिल्ली। लोकसभा में पेश किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा जारी है। सरकार जहां इस विधेयक को जरूरी कदम बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा के मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं है।
विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा में बोलते हुए गौरव गोगोई ने सबसे पहले असम में आई बाढ़ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ से करीब 70 लोगों की मौत हुई है और सदन की ओर से केंद्र सरकार से असम के लोगों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने का अनुरोध किया जाना चाहिए।
'शिक्षा सुधार को लेकर गंभीर नहीं सरकार'
गौरव गोगोई ने पेपर लीक रोकने वाले संशोधन विधेयक की आलोचना करते हुए इसे दिखावा बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों से निपटने में सरकार की नाकामी को दिखाता है।
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा सुधारों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रियों से इंस्टाग्राम पर ध्यान देने की बात कर रहे थे।
गोगोई ने कहा कि इस विधेयक और मंत्री के बयान को देखने के बाद यह स्पष्ट है कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने इसे केवल एक संशोधन विधेयक बताया।
उन्होंने कहा कि दो साल पहले सरकार सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लेकर आई थी। उस समय भी यूजीसी और नीट-यूजी 2024 परीक्षाओं को लेकर देशभर में चिंता थी।
'छात्र आंदोलन को अभिभावकों का मिला समर्थन'
कांग्रेस सांसद ने कहा कि कथित पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन को अभिभावकों का भी समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि माता-पिता ने अपने बच्चों को इस आंदोलन में शामिल होने के लिए भेजा क्योंकि यह उनके भविष्य से जुड़ा मामला था।
गौरव गोगोई ने नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि देश को यह समझना चाहिए कि सरकार इस मामले को लेकर कितनी गंभीर है।
उन्होंने कहा कि 2026 में प्रकाशित एक लेख में बताया गया था कि नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में जिन 45 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, उनमें से 44 को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
'2024 में कानून आया और 2026 में फिर पेपर लीक हुआ'
गौरव गोगोई ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर 2024 में लाया गया कानून इतना मजबूत था तो दो साल बाद फिर पेपर लीक की घटना कैसे हुई।
उन्होंने कहा कि उस समय भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ही थे। गोगोई ने कहा कि जब 2024 का पेपर लीक राष्ट्रीय मुद्दा बना था, तब मंत्री ने पेपर लीक होने से इनकार किया था।
कांग्रेस नेता ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले के कारण छात्रों को सड़कों पर उतरना पड़ा। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी परेशानियों को समझे।
गौरव गोगोई ने यह भी कहा कि केवल सजा बढ़ाने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा सकता।
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