ग्रेटर नोएडा हादसा: युवराज मौत केस में बिल्डर अभय कोर्ट में पेश

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस केस में एमजेड विजटाउन के मालिक बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर सीजीएम कोर्ट में पेश किया गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने जांच का जिम्मा संभाल लिया है। टीम ने पहले नोएडा प्राधिकरण कार्यालय जाकर संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की और अब घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है।
SIT की कमान एडीजी भानु भास्कर के पास
इस जांच दल का नेतृत्व मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर कर रहे हैं। उनके साथ मेरठ मंडलायुक्त और लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता को भी टीम में शामिल किया गया है।
SIT को हादसे के कारण, विभागीय लापरवाही, जिम्मेदार अधिकारियों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। टीम को पांच दिन में रिपोर्ट सौंपनी होगी।
हादसे ने प्रशासन की व्यवस्था पर उठाए सवाल
भारी बारिश के दौरान युवराज की कार पानी से भरे गड्ढे/अंडरपास में फंस गई थी, जिससे वह बाहर नहीं निकल पाए और कार समेत डूब गए। इस घटना ने जल निकासी, सड़क निर्माण की गुणवत्ता, चेतावनी संकेतों की कमी और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन सभी पहलुओं को SIT जांच में शामिल किया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार युवराज की मौत दम घुटने से हुई। डॉक्टरों ने बताया कि उनके फेफड़ों में लगभग साढ़े तीन लीटर पानी पाया गया, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक गई। लंबे समय तक पानी में फंसे रहने से शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ा और हार्ट फेलियर भी हुआ, जो तत्काल कारण माना गया है।
ADG का बयान
एडीजी भानु भास्कर ने कहा,
“एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। सभी संबंधित लोगों से बातचीत की जाएगी और तथ्यों के आधार पर पांच दिन में रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।”
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.