पीलीभीत खाद प्रतिष्ठान पर GST टीम की छापेमारी, 1.5 करोड़ टैक्स चोरी की आशंका

HIGHLIGHTS
- पीलीभीत के खाद प्रतिष्ठान पर जीएसटी टीम की छापेमारी, टैक्स अनियमितताओं की जांच शुरू।
- प्रारंभिक जांच में करीब 1.5 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की आशंका जताई गई।
- पीलीभीत समेत बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर स्थित प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड खंगाले गए।
पीलीभीत। नगर के प्रमुख जगदीश शरण ज्वाला शरण खाद प्रतिष्ठान पर एसआईबी डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में जीएसटी अधिकारियों की टीम ने छापेमारी कर टैक्स जमा करने में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच की। देर रात तक जीएसटी टीम की कार्रवाई जारी रही। प्रारंभिक जांच में करीब 1.5 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की आशंका जताई जा रही है।
पीलीभीत के अलावा बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं स्थित प्रतिष्ठानों पर भी जीएसटी टीमों ने जांच की।
जीएसटी विभाग को पिछले कुछ दिनों से खाद बिक्री में टैक्स चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। बुधवार को टैक्स जमा करने में गड़बड़ी की शिकायत के बाद एसआईबी डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम ने दोपहर करीब तीन बजे जगदीश शरण ज्वाला शरण खाद प्रतिष्ठान पर छापा मारा।
टीम ने प्रतिष्ठान पर पहुंचकर खरीद और बिक्री से जुड़े अभिलेखों की जांच की। खरीदी गई खाद और अलग-अलग फर्मों को भेजी गई खाद का लेजर टैक्स से मिलान किया गया। इसके अलावा प्रतिष्ठान में रखे खाद के स्टॉक का भी रिकॉर्ड से मिलान कराया गया।
जांच के दौरान वित्तीय वर्ष अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक जमा किए गए जीएसटी टैक्स के दस्तावेजों को भी देखा गया। साथ ही खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गई।
जगदीश शरण ज्वाला शरण फर्म की शाखाएं पीलीभीत के अलावा बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर में भी हैं, जिसके चलते सभी स्थानों पर अलग-अलग टीमों ने कार्रवाई की।
जांच में सामने आया कि व्यापारी की ओर से बिना बिल जारी किए माल बिक्री किए जाने की बात सामने आई है। अब तक मिली विसंगतियों और रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ियों के आधार पर करीब 1.5 करोड़ रुपये की कर चोरी का मामला सामने आने की आशंका है।
टीम ने प्रतिष्ठान से मिले दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। एसआईबी डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जांच अभी जारी है और इसके गुरुवार सुबह तक चलने की उम्मीद है।
जांच पूरी होने के बाद ही अनियमितताएं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
वहीं, प्रतिष्ठान स्वामी पवन अग्रवाल ने कहा कि उनके प्रतिष्ठान में नियमों के अनुसार सभी टैक्स जमा किए गए हैं और सभी अभिलेख पूरे हैं। उन्होंने शिकायत को गलत बताया।
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