उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, तीन बच्चों समेत 11 लोगों की मौत

HIGHLIGHTS
- अल्मोड़ा के वडयूड़ा गांव में भूस्खलन से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
- धार की तूनी में टिन शेड का कमरा मलबे की चपेट में आया
- हादसे में दो नेपाली मजदूरों की जान चली गई
लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मंगलवार को प्रदेश में अलग-अलग हादसों में तीन बच्चों समेत 11 लोगों की जान चली गई। देहरादून में बहने से दो युवाओं और एक बच्चे की मौत हुई, जबकि एक बच्चा लापता है। कोटद्वार में मां-बेटी बह गईं। वहीं अल्मोड़ा में घर में मलबा घुसने से मां और उसके बेटा-बेटी की मौत हो गई। एक अन्य घटना में कमरे में मलबा आने से दो नेपाली मजदूरों की जान चली गई। भीमताल में भी एक बच्ची बह गई।
देहरादून के प्रेमनगर में कंडोली-बिधोली पुल के पास मंगलवार तड़के तेज बहाव में स्कॉर्पियो और क्रेटा बह गईं। पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीम ने स्कॉर्पियो से हरियाणा निवासी 22 वर्षीय संभव को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं उसके साथी 21 वर्षीय अक्षय, निवासी जयपुर, का शव वाहन से बरामद हुआ। दोनों प्रेमनगर स्थित निजी शिक्षण संस्थान के छात्र थे।
दूसरी क्रेटा में श्रीगंगानगर निवासी अंश बवेजा, सहज प्रीति कौर और कनन सचदेवा सवार थे। टीम ने अंश और सहज को सुरक्षित निकाल लिया, जबकि 19 वर्षीय कनन सचदेवा का शव नदी से बरामद किया गया। कनन टाटिया यूनिवर्सिटी, श्रीगंगानगर में एमबीबीएस की छात्रा थी। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए।
वहीं रायपुर क्षेत्र के बालावाला में 10 वर्षीय दिव्यांग बच्चा नहर में बह गया। पुलिस, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों ने देर शाम तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।
पटेलनगर के आईएसबीटी चौकी क्षेत्र से लापता 12 वर्षीय सम्राट का शव बड़ोवाला पुल के पास आसन नदी किनारे मिला। परिजनों ने बच्चे के लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। घर के पास बहने वाला बरसाती नाला आसन नदी में मिलता है। इसके चलते एसडीआरएफ ने नाले और नदी में तलाश अभियान चलाया। शाम करीब साढ़े सात बजे बच्चे का शव बरामद हुआ।
नदी पार करते समय मां-बेटी बही
कोटद्वार-पाखरो मार्ग पर मंगलवार दोपहर सिगड्डी निवासी वन गुर्जर सद्दाम अपनी पत्नी जेनम (26) और एक साल की बेटी आफिया के साथ बाइक से घर लौट रहा था। कोल्हू नदी पार करने के दौरान तेज बहाव में सद्दाम बाइक समेत बहने लगा। उसके साथ मौजूद जीजा शेरा और अन्य लोगों ने उसे बाहर निकाल लिया, लेकिन जेनम और आफिया तेज बहाव में बह गईं।
सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ ने करीब एक घंटे तक तलाश अभियान चलाया। मां-बेटी के शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर यूपी के कादरगंज क्षेत्र में नदी से बरामद हुए। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
घर में घुसा मलबा, मां-बेटा-बेटी की मौत
अल्मोड़ा के हवालबाग ब्लॉक के वडयूड़ा गांव में सोमवार रात करीब 2:30 बजे मकान के पीछे भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से आया मलबा घर के अंदर जा घुसा। कमरे में सो रही प्रेमा देवी (42) पत्नी राजेंद्र राम, उनकी बेटी कल्पना आर्या (19) और बेटा मनीष कुमार (18) मलबे में दब गए।
सड़कें बाधित होने के कारण राहत और बचाव टीम करीब सात बजे घटनास्थल पर पहुंच सकी। लगभग तीन घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद तीनों के शव मलबे से बरामद किए गए। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा भेजे गए।
दो मजदूरों की मलबे में दबने से मौत
अल्मोड़ा के धार की तूनी क्षेत्र में भी बारिश के दौरान देर रात पहाड़ी से आए मलबे ने टिन शेड के कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। कमरे में सो रहे दो नेपाली मजदूरों की मलबे में दबने से मौत हो गई।
हादसे की जानकारी मंगलवार दोपहर उस समय हुई, जब उनके साथी मजदूरों ने काम पर चलने के लिए दोनों को फोन किया। काफी देर तक फोन नहीं उठने पर साथी मौके पर पहुंचे। वहां कमरे की पिछली दीवार गिरी हुई थी और अंदर मलबा भरा था।
मृतकों की पहचान दलीप दर्जी पुत्र बाली दर्जी और चकरा दर्जी पुत्र हायते दर्जी, निवासी नरहरीनाथ पहरी केडाली, जिला कालीकोट, नेपाल के रूप में हुई है। दोनों पहाड़ी के ठीक बगल में बने टिन शेड के कमरे में रह रहे थे।
नाले में बह गई चार साल की बच्ची
भीमताल बाईपास पर मंगलवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। पिता भुवन कुमार की दुकान के सामने खेल रही चार साल की पल्लवी का पैर फिसल गया और वह नाले में गिर गई। तेज बहाव में बहने के कारण उसकी मौत हो गई।
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