राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए तीन नाम फाइनल, कल होगा फैसला

HIGHLIGHTS
- सीईओ चयन के लिए तीन नामों का पैनल तैयार
- 5585 आवेदनों से 16 प्रत्याशी अंतिम दौर में पहुंचे
- बुधवार को ट्रस्ट करेगा अंतिम नाम की घोषणा
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। लगभग दो महीने तक चली चयन प्रक्रिया के बाद गठित समिति ने तीन योग्य प्रत्याशियों के नामों का पैनल तैयार कर लिया है।
समिति ने मंगलवार को तीन नामों का पैनल ट्रस्ट के सामने रखा। इस दौरान ट्रस्ट कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि, ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन, डीएम शशांक त्रिपाठी, विशेष आमंत्रित सदस्य दिनेश, सचिव जगदीश आफले, जगन्नाथ गुलवे और बजरंग बागड़ा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अब सभी की नजरें ट्रस्ट के निर्णय पर टिकी हैं कि वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण इस ट्रस्ट की प्रशासनिक जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी। बुधवार को ट्रस्टी इन तीन नामों में से एक नाम पर अंतिम मुहर लगाते हुए घोषणा करेंगे।
सीईओ के चयन के लिए गठित समिति में अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े शामिल हैं। ये सभी सोमवार को ही रामनगरी पहुंच गए थे। रक्षा, न्यायपालिका और प्रशासन में व्यापक अनुभव रखने वाली समिति ने प्रत्याशियों के संस्थागत नेतृत्व, प्रबंधन क्षमता, सत्यनिष्ठा और दृष्टिकोण का आकलन करने के लिए कई स्तरों पर चयन प्रक्रिया पूरी की।
5585 आवेदनों से 16 प्रत्याशी और अब तीन नाम
सीईओ पद के लिए चयन प्रक्रिया की शुरुआत कुल 5585 आवेदनों के साथ हुई थी। तकनीकी स्क्रीनिंग और मैनुअल मूल्यांकन के बाद आवेदनों को चरणबद्ध तरीके से छांटा गया। कई स्तरों की जांच के बाद 16 प्रत्याशियों को अंतिम चरण के लिए चुना गया।
इन 16 प्रत्याशियों के साथ 11 और 12 अगस्त को अयोध्या स्थित तीर्थ क्षेत्र में आमने-सामने विस्तृत संवाद किया गया। इससे पहले तीन से छह अगस्त के बीच ऑनलाइन संवाद की प्रक्रिया भी पूरी की गई थी। इसी मूल्यांकन के आधार पर अब तीन प्रत्याशियों के नामों का पैनल तैयार किया गया है।
छह जुलाई को गठित हुई थी चयन समिति
सीईओ के चयन के लिए समिति का गठन छह जुलाई को किया गया था। इसके बाद 11 जुलाई को हुई पहली बैठक में चयन प्रक्रिया और पात्रता के मानदंड निर्धारित किए गए। 14 जुलाई को समीर पंडा को समिति का सचिव बनाया गया, जबकि 18 जुलाई को आवेदन प्रक्रिया समाप्त हो गई।
जुलाई के बाकी दिनों में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा और मूल्यांकन किया गया। इसके बाद अगस्त में ऑनलाइन और प्रत्यक्ष संवाद के चरण पूरे किए गए।
अब ट्रस्ट के निर्णय पर टिका है अगला कदम
समिति के सचिव समीर पंडा के अनुसार, पूरी चयन प्रक्रिया योग्यता आधारित चयन, संस्थागत उत्कृष्टता, पारदर्शिता और व्यावसायिक आचरण के उच्चतम मानकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रक्रिया को योग्यता आधारित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बताया है।
समिति के मुताबिक, चयनित तीनों प्रत्याशी संस्थागत नेतृत्व, प्रबंधन विशेषज्ञता और सत्यनिष्ठा के उच्च मानकों पर खरे उतरते हैं। अब न्यास इन तीन नामों पर विचार करेगा। बुधवार को अंतिम चयन के बाद ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
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