हिमाचल: भारत में 1987 से पहले जन्मा नेपाल मूल का व्यक्ति भारतीय, देना होगा पासपोर्ट

HIGHLIGHTS
- क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, शिमला ने प्रतिकूल पुलिस रिपोर्ट के आधार पर आवेदन रोक दिया था।
- पूर्व पुलिस रिपोर्ट में शीतला देवी को नेपाली नागरिक बताया गया था।
- एसडीएम मनाली की रिपोर्ट में परिवार को नेपाल का स्थायी निवासी बताया गया था।
हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नागरिकता और पासपोर्ट आवेदन से जुड़े मामले में राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर नई पुलिस सत्यापन रिपोर्ट जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 3 के अनुसार 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्म लेने वाला व्यक्ति जन्म से भारतीय नागरिक माना जाएगा।
मामला कुल्लू जिले के पतलीकूहल की रहने वाली शीतला देवी के पासपोर्ट आवेदन से संबंधित है। शीतला देवी ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, लेकिन क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, शिमला ने प्रतिकूल पुलिस रिपोर्ट का हवाला देते हुए उनके आवेदन पर रोक लगा दी थी। पुलिस की रिपोर्ट में उन्हें नेपाली नागरिक बताया गया था।
न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की अदालत ने शीतला देवी की याचिका का निपटारा करते हुए राज्य सरकार को नए सिरे से पुलिस सत्यापन रिपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि नई रिपोर्ट जारी होने के बाद पासपोर्ट प्राधिकारी उनके आवेदन पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है।
रिपोर्ट में परिवार को नेपाल का स्थायी निवासी बताया
मामले में उपमंडलीय मजिस्ट्रेट, मनाली की ओर से अदालत में पेश रिपोर्ट में तहसीलदार और ग्राम पंचायत के हवाले से कहा गया था कि शीतला देवी और उनका परिवार नेपाल के स्थायी निवासी हैं।
हालांकि, पुलिस की पिछली जांच में स्थानीय पंचायत प्रधान ने शीतला देवी को भारतीय नागरिक बताया था और पतलीकूहल में उनके निवास की पुष्टि की थी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में पंचायत द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र भी पेश किया गया।
इस प्रमाणपत्र के मुताबिक शीतला देवी का जन्म 3 मई 1972 को पतलीकूहल, मनाली में हुआ था।
नई रिपोर्ट के आधार पर पासपोर्ट आवेदन पर होगा फैसला
अदालत के समक्ष रखे गए रिकॉर्ड और नागरिकता अधिनियम की संबंधित व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को नई पुलिस सत्यापन रिपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया गया है।
नई रिपोर्ट मिलने के बाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय शीतला देवी के आवेदन पर कानून के अनुसार निर्णय ले सकेगा।
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