अस्पतालों की OPD ठप, स्कूल बंद; पंजाब में हड़ताल पर CM मान बोले- पहले स्ट्राइक खत्म करो

HIGHLIGHTS
- कर्मचारियों ने प्रदेश के कई जिलों में सरकारी कार्यालयों के बाहर धरना दिया
- जालंधर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की हुई
- मोहाली सिविल अस्पताल में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा
चंडीगढ़। पंजाब में अपनी आठ मांगों को लेकर सात लाख से ज्यादा कर्मचारी और पेंशनर बुधवार को हड़ताल पर रहे। सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ अस्पतालों और डिस्पेंसरी में भी हड़ताल का असर देखने को मिला।
कर्मचारी लगातार धरना-प्रदर्शन कर सरकार पर अपनी मांगें स्वीकार करने का दबाव बना रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ कहा है कि हड़ताल और बातचीत एक साथ नहीं हो सकती।
मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया पर कहा कि कर्मचारी सरकार का हिस्सा हैं और उनकी जायज मांगों पर बातचीत के लिए सरकार तैयार है। हालांकि, बातचीत तभी होगी जब कर्मचारी हड़ताल समाप्त करेंगे। मुख्यमंत्री के इस रुख से फिलहाल यह स्पष्ट है कि सरकार हड़ताल के दबाव में बातचीत करने को तैयार नहीं है।
हड़ताल के बीच कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी
मुख्यमंत्री के बयान के बावजूद कर्मचारी संगठनों का आंदोलन जारी रहा। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कर्मचारियों ने सरकारी कार्यालयों के बाहर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
जालंधर में कर्मचारी सड़क जाम करने के लिए आगे बढ़े, जिन्हें पुलिस ने हटाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच धक्कामुक्की हुई और कुछ कर्मचारी सड़क पर ही बैठ गए।
हड़ताल की वजह से कई सरकारी कार्यालयों में काम प्रभावित रहा। मोहाली सिविल अस्पताल में दवा लेने पहुंचे एक व्यक्ति ने बताया कि गार्ड ने उसे हड़ताल होने की बात कहकर बाहर कर दिया और अगले दिन आने को कहा। पठानकोट में नगर निगम कार्यालय और सिविल अस्पताल भी बंद मिले। वहीं लुधियाना में डीसी सुबह साढ़े नौ बजे तक कार्यालय नहीं पहुंचे।
रोडवेज बसों का संचालन रहा जारी
सांझा मुलाजिम मंच पंजाब ने पहले सरकारी बसों के ड्राइवर और कंडक्टरों के हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की थी। हालांकि बुधवार को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ हुई बैठक के बाद रक्षा बंधन का हवाला देते हुए हड़ताल में शामिल नहीं होने का फैसला लिया गया। इसके चलते पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की बसें चलती रहीं।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मुख्यमंत्री जालंधर में व्यस्त थे, इसलिए बैठक को जालंधर में ही आयोजित किया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कर्मचारी बुधवार को अपनी हड़ताल वापस ले लेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पंजाब के लोगों की भलाई के लिए हैं और उन्हें आम जनता को परेशानी में नहीं डालना चाहिए।
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