विश्व कप खेल चुकी पनामा को भारत ने रोका, बंगलूरू में 1-1 से ड्रॉ रहा मुकाबला

HIGHLIGHTS
- पनामा मौजूदा फीफा रैंकिंग में 44वें स्थान पर है।
- भारतीय टीम फीफा रैंकिंग में 138वें स्थान पर है।
- रयान विलियम्स ने 41वें मिनट में भारत का खाता खोला।
बंगलूरू। भारतीय फुटबॉल टीम ने शुक्रवार को बंगलूरू में खेले गए फीफा अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच में दुनिया की 44वें नंबर की टीम पनामा को 1-1 से ड्रॉ पर रोक दिया। भारत के लिए ऑस्ट्रेलियाई मूल के रयान विलियम्स ने 41वें मिनट में गोल किया, जबकि पनामा की ओर से ओमार वालेंसिया ने 68वें मिनट में बराबरी का गोल दागा।
पनामा के खिलाफ यह मुकाबला मुख्य कोच खालिद जमील के कार्यकाल में भारत के प्रभावशाली प्रदर्शनों में शामिल रहेगा। पनामा कुछ महीने पहले ही फीफा विश्व कप में खेल चुका है और उसकी टीम में उस टूर्नामेंट का हिस्सा रहे कई खिलाड़ी मौजूद थे। इसके बावजूद भारतीय टीम ने उसे कड़ी टक्कर दी। भारत फीफा रैंकिंग में 138वें स्थान पर है, लेकिन मैच के दौरान रैंकिंग का अंतर मैदान पर नजर नहीं आया और भारतीय खिलाड़ियों ने कई बार पनामा के डिफेंस पर दबाव बनाया।
विलियम्स के गोल से भारत को बढ़त
भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और 41वें मिनट में इसका फायदा मिला। बाएं छोर से आकाश मिश्रा ने थ्रो-इन लिया और बिजॉय वर्गीज के साथ वन-टू के बाद लंबा पास खेला। रयान विलियम्स ने तेजी से आगे बढ़ते हुए पनामा की रक्षापंक्ति को पार किया और बाएं पैर से शानदार एंगल बनाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। पनामा के गोलकीपर मार्कोस रेयेस इस शॉट को रोक नहीं सके। विलियम्स पूर्व ऑस्ट्रेलियाई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और अब भारतीय पासपोर्ट रखते हैं।
वालेंसिया ने बराबरी का गोल किया
पहले हाफ में पिछड़ने के बाद पनामा के कोच थॉमस क्रिस्टियनसेन ने दूसरे हाफ में कुछ बदलाव किए। इसका असर 68वें मिनट में देखने को मिला, जब मेजर लीग सॉकर में खेलने वाले ओमार वालेंसिया ने गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। लालेंगमाविया ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंच सके। वालेंसिया ने बाएं पैर से तेज और नीची गेंद को गोल की दिशा में भेजा, जिसे भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू रोक नहीं सके।
बराबरी के बाद भी भारत ने जारी रखा आक्रमण
गोल खाने के बाद भारतीय टीम ने रक्षात्मक रवैया नहीं अपनाया। खालिद जमील ने खिलाड़ियों को आगे बढ़कर खेलने के लिए प्रेरित किया। बाएं छोर पर आशिक कुरुनियन लगातार पनामा की रक्षापंक्ति पर दबाव बनाते रहे, जबकि विलियम्स भी हमलों में सक्रिय रहे।
भारत के पास 79वें मिनट में दोबारा बढ़त लेने का अच्छा मौका आया। आशिक ने बाएं छोर से नीचा क्रॉस दिया, लेकिन एडमंड उसे गोल में नहीं बदल सके। इसके दो मिनट बाद एडमंड दाईं ओर से आगे बढ़े और मनवीर सिंह के लिए मौका बनाया। मनवीर के सामने आसान टैप-इन का अवसर था, लेकिन उन्होंने एड़ी से गेंद को गोल में पहुंचाने की कोशिश की और मौका गंवा दिया।
अनवर अली ने डिफेंस में निभाई अहम भूमिका
भारतीय डिफेंस ने पनामा के लगातार हमलों का मजबूती से सामना किया। सेंटर-बैक अनवर अली ने प्रभावी प्रदर्शन करते हुए कई खतरनाक हमलों को रोकने में अहम भूमिका निभाई। मैच के अंतिम चरण में पनामा ने विजयी गोल के लिए दबाव बढ़ाया। अनवर ने एक खतरनाक मौके को टाला, जबकि गुरप्रीत सिंह संधू ने विश्व कप खेल चुके कार्लोस हार्वी के शॉट को बचाकर भारत को हार से बचाया।
अब ब्राजील और उरुग्वे से होगा मुकाबला
पनामा के खिलाफ ड्रॉ के बाद भारतीय टीम के सामने अब कड़ी चुनौती है। भारत तीन अक्तूबर को कोलकाता में पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील के खिलाफ मैत्री मैच खेलेगा। इसके बाद छह अक्तूबर को टीम दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे का सामना करेगी।
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