जॉर्डन के चर्च में अंतिम विदाई के दौरान गोलीबारी, 7 लोगों की मौत

HIGHLIGHTS
- दो बंदूकधारी एक वाहन से उतरकर अंतिम विदाई के जुलूस में गोलीबारी करने लगे।
- मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर रॉयटर्स और एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में अंतर है।
- प्रत्यक्षदर्शी खालिद बुर्कान के अनुसार, हमलावरों में एक के पास राइफल और दूसरे के पास पिस्तौल थी।
जॉर्डन। जॉर्डन के कराक इलाके में शुक्रवार को एक चर्च में अंतिम विदाई की रस्म के दौरान बंदूकधारियों ने गोलीबारी कर दी। इस घटना में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सरकारी टीवी चैनल अल-ममलका के हवाले से यह जानकारी दी।
चैनल के मुताबिक, घटना के बाद चर्च में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया। वे संदिग्धों की तलाश में जुटे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि दो बंदूकधारी एक वाहन से उतरे और कराक के हमूद चर्च में अंतिम विदाई के जुलूस के दौरान गोलीबारी शुरू कर दी।
हालांकि, समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने जॉर्डन सरकार के प्रवक्ता के हवाले से मृतकों और घायलों की अलग संख्या बताई है। प्रवक्ता के अनुसार, चर्च में हुई गोलीबारी में छह लोगों की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए हैं।
अंतिम विदाई के जुलूस में शामिल खालिद बुर्कान ने अल-ममलका को बताया कि घटनास्थल पर दर्जनों लोग मौजूद थे। उनके मुताबिक, दो लोगों ने कई मिनट तक गोलीबारी की। इनमें से एक के पास राइफल थी, जबकि दूसरे के पास पिस्तौल थी।
हमले की जिम्मेदारी किसने ली?
इस हमले की तत्काल किसी भी संगठन या व्यक्ति ने जिम्मेदारी नहीं ली है। जॉर्डन के अधिकारियों ने भी अब तक यह नहीं बताया है कि इस घटना के पीछे किसका हाथ है।
जॉर्डन में ऐसे हमले कितने आम हैं?
जॉर्डन में इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्लभ हैं। इस देश को अपेक्षाकृत स्थिर माना जाता है। हालांकि, इस साल यहां ईरान की ओर से हमलों में बढ़ोतरी हुई है। फरवरी में अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। इसके बाद से जॉर्डन को भी ईरान के हमलों का निशाना बनाया गया है।
जॉर्डन में ईसाई समुदाय की स्थिति
जॉर्डन की कुल आबादी में ईसाई अल्पसंख्यक हैं। इसके बावजूद, देश में बाइबिल से जुड़े कई धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जहां दुनियाभर से ईसाई श्रद्धालु आते हैं।
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