इस्राइल में सम्मानित होंगे भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार, विमान हादसा टालने पर मिलेगा राष्ट्रपति पुरस्कार

HIGHLIGHTS
- इस्राइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने गुरुवार को कैप्टन स्मित मच्छार के लिए पुरस्कार की घोषणा की।
- कैप्टन मच्छार फिलहाल अबू धाबी के अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।
- फ्लाइट FZ1073 में कथित अपहरण की कोशिश को रोकने में छह इस्राइली यात्रियों ने भी मदद की।
इस्राइल ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। कैप्टन मच्छार ने तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में संभावित बड़े विमान हादसे को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह घोषणा उस समय हुई है, जब कैप्टन मच्छार अबू धाबी के एक अस्पताल में उपचार के बाद स्वस्थ हो रहे हैं। विमान के कॉकपिट में उनके सह-पायलट द्वारा कथित हमले के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।
इन छह इस्राइली नागरिकों को भी मिलेगा सम्मान
राष्ट्रपति हर्जोग ने पिछले सप्ताह फ्लाइट FZ1073 को दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित कोशिश को नाकाम करने में सहयोग देने वाले छह इस्राइली यात्रियों को भी नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पदक देने की घोषणा की। जेरूसलम पोस्ट और टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सम्मान से ताली मानेस, ज्विका मानेस, यानिव हयौन, डॉ. शोता मुसायेव, आसफ राजुआन और ओर पारडिलोव को सम्मानित किया गया। इन सभी ने कथित अपहरण के प्रयास को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी।
कैसे बचीं 174 यात्रियों की जानें?
ताली मानेस ने सबसे पहले खतरे को भांपते हुए चेतावनी दी थी। इसके बाद हयौन, ज्विका मानेस, पारडिलोव और राजुआन ने मिलकर सह-पायलट को काबू करने में मदद की। पेशे से चिकित्सक डॉ. मुसायेव ने घायल पायलट को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
राष्ट्रपति हर्जोग ने यरूशलम में एकत्र हुए इन आम इस्राइली नागरिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने असाधारण साहस दिखाकर खुद को सच्चा नायक साबित किया और पिछले सप्ताह विमान को बचाने में योगदान दिया। हर्जोग के अनुसार, इन लोगों के साहस, दृढ़ निश्चय और उल्लेखनीय सूझबूझ ने एक विनाशकारी विमानन हादसे को टाल दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरी दुनिया स्तब्ध हो सकती थी, लेकिन इन लोगों ने 174 अनमोल जिंदगियां बचा लीं।
राष्ट्रपति ने किन लोगों का जताया आभार?
इस्राइल के राष्ट्रपति ने विमान को संभालने वाले प्रतिस्थापन पायलटों और आपात स्थिति के दौरान सहायता करने वाले अन्य यात्रियों का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में सभी के सहयोग से ही इतनी बड़ी त्रासदी को टाला जा सका। हर्जोग ने यात्रियों की भूमिका की प्रशंसा की।
हालांकि, राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों की बहादुरी और सूझबूझ इस घटना की पूरी जांच की जरूरत को खत्म नहीं करती। उन्होंने कहा कि नागरिकों के साहस और उनकी त्वरित कार्रवाई के बावजूद घटना से जुड़े सभी सवालों के स्पष्ट जवाब हासिल करना जरूरी है। इस जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।
पीएम नेतन्याहू ने भी की जांबाज कैप्टन की तारीफ
इससे पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अस्पताल में उपचार करा रहे भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने कैप्टन की बहादुरी और मुश्किल हालात में शांत बने रहने की क्षमता की सराहना की।
नेतन्याहू ने स्मित मच्छार से कहा, “आपका साहस और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी शांत रहने की क्षमता अद्भुत है। आपने कई जिंदगियां बचाईं... आपने दुनिया में मानवता की भावना को बचाया।”
उन्होंने कैप्टन मच्छार को भारत और इस्राइल के लोगों का सच्चा हीरो बताते हुए कहा कि वह पूरी दुनिया के नायक हैं।
क्या स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस्राइल जाएंगे पीएम मोदी और कैप्टन स्मित?
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार को स्वस्थ होने के बाद अतिथि के रूप में इस्राइल आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि इस्राइल देश उनका आभारी है।
सूत्रों के मुताबिक, नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। उल्लेखनीय है कि इस्राइल का स्वतंत्रता दिवस 14 मई को मनाया जाता है।
अब कैसी है कैप्टन मच्छार की हालत?
कैप्टन स्मित मच्छार फिलहाल अबू धाबी के एक अस्पताल में भर्ती हैं और अपनी चोटों से उबर रहे हैं। विमान के कॉकपिट में उनके सह-पायलट द्वारा कथित हमले के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। इसके बावजूद उनकी बहादुरी और सूझबूझ ने विमान को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई।
इस्राइल की ओर से उन्हें नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार देने का फैसला उनके असाधारण साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है। इस सम्मान से उनकी बहादुरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और दूसरे लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।
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