US की अर्थव्यवस्था सुधारेंगे भारतीय: रघुराम राजन समेत तीन को मिली बड़ी जिम्मेदारी

HIGHLIGHTS
- फेडरल रिजर्व की अहम समीक्षा टीम में रघुराम राजन शामिल: अमेरिका के केंद्रीय बैंक ने अपनी बैलेंस शीट पॉलिसी की समीक्षा के लिए आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन समेत कई वैश्विक विशेषज्ञों को जिम्मेदारी सौंपी है।
- मौद्रिक नीति में सुधार पर होगा फोकस: यह टास्क फोर्स फेड की बैलेंस शीट, आर्थिक आंकड़ों के इस्तेमाल, रोजगार, उत्पादकता और महंगाई से जुड़े नीतिगत ढांचे की समीक्षा करेगी।
- भारतीय मूल के अन्य विशेषज्ञ भी शामिल: अर्थशास्त्री राज चेट्टी और माइक्रोसॉफ्ट एग्जीक्यूटिव आशा शर्मा को भी अलग-अलग समीक्षा समूहों में शामिल किया गया है, ताकि फेड की नीतियों में नए विचार जोड़े जा सकें।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी नीतियों और कामकाज की समीक्षा के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है, जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा भारतीय मूल के अर्थशास्त्री राज चेट्टी और माइक्रोसॉफ्ट की वरिष्ठ अधिकारी आशा शर्मा को भी इस पहल का हिस्सा बनाया गया है।
फेड का यह कदम लंबे समय तक बनी रही महंगाई और बदलते आर्थिक हालात के बीच मौद्रिक नीति के ढांचे को और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है। इन विशेषज्ञों की मदद से फेड अपनी बैलेंस शीट, डेटा सिस्टम, रोजगार, उत्पादकता और महंगाई से जुड़े नीतिगत ढांचे की समीक्षा करेगा।
रघुराम राजन संभालेंगे बैलेंस शीट पॉलिसी टास्क फोर्स
रघुराम राजन को फेड की बैलेंस शीट पॉलिसी टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। इस टीम में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की अर्थशास्त्री करेन डायनन और फेड के पूर्व गवर्नर जेरेमी स्टीन भी शामिल हैं।
यह समूह फेड की मौजूदा बैलेंस शीट व्यवस्था का मूल्यांकन करेगा और यह देखेगा कि केंद्रीय बैंक की एसेट होल्डिंग्स और मौद्रिक नीति लागू करने के तरीके का अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।
फेड चेयरमैन ने बताई समीक्षा की वजह
फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को साथ लाने का उद्देश्य संस्था के कामकाज में नए विचार और बेहतर दृष्टिकोण शामिल करना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में फेड को अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए और मजबूत रणनीति की जरूरत है।
फेड पिछले कुछ वर्षों से महंगाई को नियंत्रित करने की चुनौती का सामना कर रहा है। इसी वजह से केंद्रीय बैंक अपनी नीतियों की व्यापक समीक्षा कर रहा है।
पांच प्रमुख क्षेत्रों पर होगी समीक्षा
फेड द्वारा गठित टास्क फोर्स मुख्य रूप से पांच क्षेत्रों पर काम करेंगी:
- बैलेंस शीट पॉलिसी
- मौद्रिक नीति से जुड़ा संचार तंत्र
- आर्थिक आंकड़ों का इस्तेमाल
- उत्पादकता और रोजगार
- महंगाई नियंत्रण से जुड़े नीति ढांचे
इन सभी क्षेत्रों की समीक्षा के बाद फेड अपनी भविष्य की रणनीति को और प्रभावी बनाने की कोशिश करेगा।
राज चेट्टी को डेटा टास्क फोर्स की जिम्मेदारी
भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री राज चेट्टी को डेटा टास्क फोर्स में अहम भूमिका दी गई है। वह डग मैकमिलन और शिकागो यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री केविन मर्फी के साथ मिलकर काम करेंगे।
यह टीम उन आर्थिक आंकड़ों की गुणवत्ता और उपलब्धता को बेहतर बनाने पर ध्यान देगी, जिनके आधार पर फेड ब्याज दरों और अन्य नीतिगत फैसलों पर निर्णय लेता है। राज चेट्टी आर्थिक असमानता, श्रम बाजार और सामाजिक गतिशीलता पर अपने शोध के लिए प्रसिद्ध हैं।
आशा शर्मा देखेंगी तकनीक और रोजगार का असर
माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट आशा शर्मा को प्रोडक्टिविटी और रोजगार से जुड़ी टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। वह वेंचर कैपिटलिस्ट मार्क आंद्रेसेन और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री चार्ल्स आई. जोन्स के साथ काम करेंगी।
यह समूह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों के रोजगार, उत्पादकता और आर्थिक विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करेगा।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में रघुराम राजन की पहचान
रघुराम राजन वर्ष 2013 से 2016 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे हैं। इससे पहले वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में मुख्य अर्थशास्त्री और रिसर्च डायरेक्टर की भूमिका निभा चुके हैं। वित्तीय स्थिरता और मौद्रिक नीति पर उनके विचारों को दुनियाभर में महत्व दिया जाता है।
फेड की बैलेंस शीट समीक्षा क्यों अहम है?
कोरोना महामारी के दौरान फेडरल रिजर्व ने अपनी बैलेंस शीट को करीब 9 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाया था। इसके बाद केंद्रीय बैंक ने इसे धीरे-धीरे कम करने की प्रक्रिया शुरू की।
अब फेड यह समझना चाहता है कि भविष्य में आर्थिक संकट, महंगाई और बाजार की चुनौतियों से निपटने के लिए उसकी बैलेंस शीट और मौद्रिक नीति का ढांचा कितना प्रभावी है।
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