बिग बैंग सिद्धांत को चुनौती देने वाले जयंत नार्लीकर को मिला विज्ञान रत्न पुरस्कार

भारत सरकार ने शनिवार को देश के सर्वोच्च विज्ञान सम्मान ‘विज्ञान रत्न’ के लिए प्रख्यात खगोल भौतिक विज्ञानी डॉ. जयंत नार्लीकर का चयन किया है। यह सम्मान विज्ञान के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए मरणोपरांत प्रदान किया जाएगा। इसी के साथ सरकार ने 2025 के आठ विज्ञान श्री पुरस्कारों और 14 विज्ञान युवा पुरस्कारों की भी घोषणा की।
डॉ. नार्लीकर ने ब्रह्मांड की उत्पत्ति से जुड़ी ‘बिग बैंग थ्योरी’ को चुनौती दी थी। उन्होंने ब्रिटिश खगोलशास्त्री फ्रेड हॉयल के साथ मिलकर यह सिद्धांत प्रस्तुत किया था कि ब्रह्मांड हमेशा से अस्तित्व में रहा है और इसमें लगातार नए पदार्थों का निर्माण होता रहता है। उनका निधन इसी वर्ष 20 मई को 86 वर्ष की आयु में हुआ था।
सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार को पद्म पुरस्कारों की तर्ज पर देश का शीर्ष विज्ञान सम्मान बनाया गया है। इसका दूसरा संस्करण शनिवार को राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (awards.gov.in) पर घोषित किया गया। यह पुरस्कार पहली बार 2023 में प्रारंभ किया गया था।
इस वर्ष विज्ञान श्री पुरस्कार के लिए चुने गए प्रमुख नामों में—
-
डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (कृषि विज्ञान – गेहूं प्रजनन में योगदान),
-
यूसुफ मोहम्मद शेख (भौतिकी – परमाणु ऊर्जा अनुसंधान),
-
के.के. थंगराज (जैविक विज्ञान),
-
प्रदीप थलप्पिल (रसायन विज्ञान),
-
अनिरुद्ध भालचंद्र पंडित (इंजीनियरिंग विज्ञान),
-
एस. वेंकट मोहन (पर्यावरण विज्ञान),
-
माहन एम.जे. (गणित एवं कंप्यूटर विज्ञान),
-
जयन एन. (अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) शामिल हैं।
वहीं, सीएसआईआर की अरोमा मिशन टीम, जिसने जम्मू-कश्मीर में ‘लैवेंडर मिशन’ की पहल की थी, को विज्ञान टीम पुरस्कार के लिए चुना गया है।
विज्ञान युवा पुरस्कार के 14 विजेताओं में कृषि, जीवविज्ञान, रसायन, भौतिकी, चिकित्सा, पर्यावरण और अंतरिक्ष सहित विभिन्न क्षेत्रों के युवा वैज्ञानिक शामिल हैं — जिनमें जगदीस गुप्ता कपुगंती, सतेंद्र कुमार मंगरौठिया, देबरका सेनगुप्ता, दीपाअगाशे, दिब्येंदु दास, वलीउर रहमान, अर्काप्रवा बसु, सब्यसाची मुखर्जी, श्वेता प्रेम अग्रवाल, सुरेश कुमार, अमित कुमार अग्रवाल, सुरहुद मोरे, अंकुर गर्ग और मोहनशंकर शिवप्रकाशम प्रमुख हैं।
इस घोषणा के साथ ही विज्ञान समुदाय में उत्साह का माहौल है। पुरस्कार वितरण समारोह आगामी वर्ष की शुरुआत में आयोजित किए जाने की संभावना है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.