लखनऊ प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड: एक लाख के इनामी शूटर सचिन को STF ने दबोचा, पिस्टल बरामद

HIGHLIGHTS
- लखनऊ के प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड में एक लाख के इनामी दूसरे शूटर सचिन कुमार को यूपी STF ने गिरफ्तार कर लिया।
- आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल पिस्टल, कारतूस, बाइक और नकदी बरामद होने का पुलिस ने दावा किया है।
- पूछताछ में सामने आया कि सचिन ने साथी संजय उर्फ संजीव के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद वह कई शहरों में छिपता रहा।
लखनऊ के कल्ली पश्चिम में हुए प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड में फरार चल रहे दूसरे शूटर सचिन कुमार को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। अंबेडकरनगर निवासी सचिन पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ और पीजीआई पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे किसान पथ ओवरब्रिज के नीचे डलौना क्षेत्र से पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल, कारतूस, बाइक और नकदी बरामद की गई है। सचिन को पीजीआई थाने में दर्ज हत्या के मुकदमे में दाखिल कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
संजय के साथ मिलकर दिया था वारदात को अंजाम
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक दीपक सिंह के मुताबिक, पूछताछ में सचिन ने स्वीकार किया कि हत्या के समय वह बाइक चला रहा था, जबकि उसके साथी संजय उर्फ संजीव ने संदीप सिंह पर गोलियां चलाई थीं।
पुलिस का कहना है कि यह हत्या पुरानी रंजिश के चलते साजिश के तहत कराई गई थी। प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े दिनेश यादव पर मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है। जांच में सामने आया कि दिनेश की मुलाकात उसके ड्राइवर मुकर्रबीन के जरिए गंगाराम यादव से हुई थी, जिसने दोनों शूटरों से संपर्क कराया था।
हत्या से पहले की गई थी रेकी
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने वारदात से पहले कई बार लखनऊ आकर संदीप सिंह के घर, कार्यालय और उनके आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई थी। इसके बाद अमीनाबाद से एक अपाचे बाइक खरीदी गई, जिसकी नंबर प्लेट हटा दी गई थी।
27 मई को आरोपी दीनदयाल पार्क के पास से संदीप सिंह की कार का पीछा करते हुए उनके कार्यालय पहुंचे। जैसे ही संदीप कार से बाहर निकले, संजय ने उन पर फायरिंग कर दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
कई शहरों में छिपता रहा सचिन
वारदात के बाद सचिन अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या, आजमगढ़ और मुंबई समेत कई जगहों पर छिपता रहा। पुलिस के मुताबिक, साथी संजय के 27 जून को मुठभेड़ में मारे जाने के बाद वह डर गया था और अदालत में आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहा था।
इसी सिलसिले में वह वकील से मिलने लखनऊ पहुंचा था, जहां एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पिस्टल की बरामदगी
पूछताछ में सचिन ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल पिस्टल को संजय ने वारदात के बाद देवी सिंह खेड़ा गांव के पास सड़क किनारे छिपा दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हथियार बरामद कर लिया।
यह था पूरा मामला
जौनपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की 27 मई को रायबरेली रोड स्थित कल्ली पश्चिम में उनके कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पीजीआई थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान एसटीएफ ने मुख्य साजिशकर्ता समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। शूटरों से संपर्क कराने वाले गंगाराम यादव को भी पकड़ा गया था। मुख्य शूटर संजय उर्फ संजीव 27 जून को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। अब सचिन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का दावा है कि हत्याकांड की साजिश की कड़ियां काफी हद तक साफ हो गई हैं।
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