माहांगा डबल मर्डर केस: पूर्व मंत्री प्रताप जेना को सुप्रीम कोर्ट से राहत, हाई कोर्ट का फैसला बरकरार

HIGHLIGHTS
- सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह शामिल थे।
- सालेपुर जेएमएफसी अदालत ने 31 अक्टूबर 2023 को प्रताप जेना को समन जारी किया था।
- अक्टूबर 2024 में ओडिशा हाई कोर्ट ने जेना के खिलाफ संज्ञान और आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी थी।
ओडिशा। माहांगा दोहरे हत्याकांड मामले में ओडिशा के पूर्व मंत्री प्रताप जेना को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता रंजीत बराल की अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद माहांगा डबल मर्डर मामले में प्रताप जेना के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द करने का हाई कोर्ट का आदेश कायम रहा। मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने की।
हाई कोर्ट ने अक्टूबर 2024 में रद्द की थी कार्यवाही
माहांगा दोहरे हत्याकांड मामले में तत्कालीन विधायक प्रताप जेना के खिलाफ सालेपुर जेएमएफसी अदालत ने संज्ञान लिया था। अदालत ने 31 अक्टूबर 2023 को उन्हें पेश होने के लिए समन जारी किया था।
इसके बाद जेना ने अपने खिलाफ लिए गए संज्ञान और पूरी आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था। अक्टूबर 2024 में हाई कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए उनके खिलाफ लिए गए संज्ञान और आपराधिक कार्यवाही, दोनों को रद्द कर दिया था।
हाई कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए रंजीत बराल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। अब शीर्ष अदालत ने उनकी अपील खारिज कर हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।
2 जनवरी 2021 को हुई थी दो नेताओं की हत्या
माहांगा में 2 जनवरी 2021 को पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष और भाजपा नेता कुलमणि बराल तथा उनके सहयोगी दिव्य सिंह बराल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पूरे ओडिशा में आक्रोश फैल गया था।
मृतक कुलमणि बराल के पुत्र रमाकांत बराल ने इस हत्याकांड के संबंध में 13 लोगों के नाम दर्ज करते हुए माहांगा थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और माहांगा पंचायत समिति के पूर्व अध्यक्ष भिखारी स्वाईं समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था।
इस चर्चित हत्याकांड में बीजद नेता और पूर्व मंत्री प्रताप जेना का नाम भी 13वें आरोपी के तौर पर शामिल किया गया था। बाद में निचली अदालत ने उनके खिलाफ मामले में संज्ञान लिया था।
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