राजनाथ सिंह का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहता है विपक्ष

HIGHLIGHTS
- रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष युवाओं को राजनीतिक अराजकता में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।
- राजनाथ सिंह ने 1975 के आपातकाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाए।
- उन्होंने 1993 में चुनाव आयोग में नियुक्तियों और नवीन चावला से जुड़े पुराने विवाद का उल्लेख किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष और INDIA ब्लॉक पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहता है और युवाओं को भी इसी दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सत्ता परिवर्तन की बात कर रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए भारत की संवैधानिक संस्थाओं की बलि नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि झूठा आक्रोश दिखाकर, संस्थाओं को बदनाम करके और राजनीतिक अवसरवाद के सहारे देश की विकास यात्रा को प्रभावित नहीं किया जा सकता।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बाधा डालने वाली राजनीति छोड़कर जनादेश का सम्मान करना चाहिए और अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्ममंथन करना चाहिए।
'बांग्लादेश जैसी स्थिति भारत में पैदा करने की कोशिश'
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि देश के युवाओं को अराजक राजनीति में मोहरे की तरह इस्तेमाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बांग्लादेश की घटनाओं से प्रेरणा लेकर भारत में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं, जबकि कुछ अन्य खुले तौर पर सरकार गिराने की मांग कर रहे हैं।
रक्षा मंत्री के मुताबिक, इससे स्पष्ट होता है कि उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना और देश में अशांति फैलाना है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई चुनावी सुधार, एसआईआर या ज्ञानेश कुमार से संबंधित नहीं है और न ही देश के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए है। उनके अनुसार, यह अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करने की साजिश है।
इंदिरा गांधी के दौर का जिक्र कर राहुल गांधी पर निशाना
राजनाथ सिंह ने 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र को सलाखों के पीछे डाल दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आज राहुल गांधी संविधान को अपनी जेब में रखकर अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें कई काले अध्याय हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि आज राहुल गांधी की पार्टी चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती है, जबकि पहले कांग्रेस ने खुद चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को अपने नियंत्रण में कठपुतली की तरह रखा था।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 1993 में कांग्रेस सरकार ने चुनाव आयोग में अचानक बदलाव किए और रातोंरात दो नए चुनाव आयुक्त नियुक्त कर दिए। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी की ओर से राष्ट्रपति को लिखे गए उस पत्र का भी उल्लेख किया, जिसमें चुनाव आयुक्त नवीन चावला को पद से हटाने की सिफारिश की गई थी।
राजनाथ सिंह के अनुसार, गोपालस्वामी ने आरोप लगाया था कि नवीन चावला ने चुनाव आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस नेताओं के साथ साझा की थी। रक्षा मंत्री ने इसे गंभीर आरोप बताया।
राहुल गांधी से पूछा रायबरेली को लेकर सवाल
राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य में 37 वर्षों से सत्ता से बाहर है।
उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना वह रायबरेली में अपनी सीट भी जीतने में सक्षम हैं।
राहुल गांधी के मतदाता सूची संबंधी दावों पर क्या बोले राजनाथ सिंह?
रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी के मतदाता सूची से जुड़े बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एक बार 70 वर्ष की महिला को 'डबल वोटर' यानी दो बार मतदान करने वाली बताया था। एक अन्य मौके पर उन्होंने आरोप लगाया था कि 35 वर्ष की महिला मतदाता की उम्र 124 वर्ष दर्ज है।
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कई बार आम नागरिकों को 'फर्जी वोटर' बताकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मतदाता सूची को लेकर कभी औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई, क्योंकि उसके पास अपने दावों को साबित करने के लिए सबूत नहीं थे।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने कभी संवैधानिक संस्थाओं या देश की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाए। राजनाथ सिंह के मुताबिक, उनकी पार्टी ने संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके जनता को गुमराह करने की कोशिश नहीं की, बल्कि हमेशा देश की जनता, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया है।
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