ओडिशा छात्रसंघ चुनाव में ABVP का दबदबा, 337 कॉलेजों में 117 पर जीत

HIGHLIGHTS
- ओडिशा के 12 विश्वविद्यालयों और 325 महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव हुए।
- घोषित आंकड़ों के अनुसार, ABVP ने 117 कॉलेजों में जीत दर्ज की।
- बीजू छात्र जनता दल (BCZJ) को 71 सीटें मिलीं।
भुवनेश्वर। ओडिशा में 2024 के आम चुनाव के बाद हुए छात्रसंघ चुनावों में भी भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का प्रभाव देखने को मिला। संगठन ने कई प्रमुख कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जीत हासिल की।
वहीं, नवीन पटनायक की विचारधारा वाले बीजू छात्र जनता दल (BCZJ) को उत्कल विश्वविद्यालय में निराशा का सामना करना पड़ा। यहां संगठन अपना खाता भी नहीं खोल सका। हालांकि, रमा देवी महिला विश्वविद्यालय में BCZJ ने जीत दर्ज की। कांग्रेस की छात्र इकाई का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा।
337 कॉलेजों में से 117 में ABVP की जीत
जानकारी के अनुसार, ओडिशा के 12 विश्वविद्यालयों और 325 महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराए गए। गुरुवार को इनके परिणाम घोषित किए गए। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कुल 337 कॉलेजों में से 117 में ABVP ने जीत हासिल की। वहीं, BCZJ को 71 सीटें मिलीं, जबकि NSUI ने दो सीटों पर जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 16 सीटों पर कब्जा किया।
उत्कल विश्वविद्यालय के नतीजों पर विशेष नजर थी। आधी रात के करीब घोषित परिणामों में ABVP ने अध्यक्ष और सचिव पद पर जीत हासिल की। इसके अलावा बीजेबी कॉलेज, राजधानी कॉलेज और संबलपुर स्थित गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय में भी संगठन ने प्रमुख पदों पर सफलता हासिल की। इन जीतों से ABVP समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।
रेवेंसा विश्वविद्यालय और फकीर मोहन विश्वविद्यालय में परिणाम मिले-जुले रहे। यहां दोनों छात्र संगठनों का प्रदर्शन अलग-अलग रहा। जाजपुर जिले के 10 कॉलेजों में से सात में BCZJ और तीन में ABVP ने जीत दर्ज की।
कई कॉलेजों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी हासिल की जीत
ABVP के बेहतर प्रदर्शन के बीच निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कई कॉलेजों में जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। शैलाबाला कॉलेज, खल्लिकोट कॉलेज और निमापड़ा कॉलेज में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे।
चुनाव परिणामों से संकेत मिला कि कई कॉलेजों में प्रमुख छात्र संगठनों के प्रभाव के साथ-साथ स्थानीय समीकरणों और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत लोकप्रियता ने भी जीत-हार में अहम भूमिका निभाई।
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