पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बारिश से तबाही; उत्तर भारत में फसलों को भारी नुकसान

HIGHLIGHTS
- आंधी से 3.5 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान, कपास और गन्ने की फसल प्रभावित हुई।
- शुरुआती अनुमान के मुताबिक, करीब 80 प्रमुख अनाज मंडियों में 10 लाख टन से अधिक अनाज भीग गया।
- हरियाणा की मंडियों में लगभग 8.72 लाख टन धान बारिश की चपेट में आया।
उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में बृहस्पतिवार को हुई तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। अनाज मंडियों में खुले में रखी धान, बाजरा और मक्के की उपज बारिश में भीग गई, वहीं खेतों में तैयार खड़ी हजारों एकड़ फसलें गिर गईं। 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण 3.5 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान, कपास और गन्ने की फसल प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव आया है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की करीब 80 प्रमुख अनाज मंडियों में खुले में रखा 10 लाख टन से ज्यादा अनाज बारिश से भीग गया। हरियाणा की मंडियों में ही लगभग 8.72 लाख टन धान को नुकसान पहुंचा है। उत्तर प्रदेश की मथुरा, आगरा समेत कई मंडियों में करीब 60,000 क्विंटल धान, बाजरा और मक्का भीग गया। दिल्ली की नरेला मंडी में भी अनाज बारिश की चपेट में आया है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बारिश से बदला मौसम
मौसम में अचानक आए बदलाव का असर पहाड़ी और मैदानी, दोनों क्षेत्रों में देखने को मिला। हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में एक फीट तक बर्फबारी हुई। जम्मू-कश्मीर के डोडा में बारिश के साथ ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में हिमपात हुआ, जिससे ठंड बढ़ गई। उत्तराखंड में केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की चोटियों पर भी भारी बर्फबारी दर्ज की गई।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों पर बर्फ जमने से पर्यटकों में उत्साह देखा गया, लेकिन सड़कों पर बर्फ की मोटी परत के कारण यातायात प्रभावित हुआ। मनाली-लेह राजमार्ग और अटल टनल मार्ग समेत कई रास्तों को बंद करना पड़ा।
मौसम पूर्वानुमान: शुक्रवार को दिन के शुरुआती घंटों में बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में तापमान 5 डिग्री तक गिरा
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के बाद तापमान में पांच डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। राजधानी में सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे के बीच 15.9 मिलीमीटर बारिश हुई।
दिल्ली का अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.9 डिग्री कम था। वहीं, न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.7 डिग्री कम है।
उत्तर प्रदेश में भी फसलों को हुए नुकसान का असर सामने आया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 6.18 लाख से अधिक किसान फसल क्षति की रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं।
पश्चिमी विक्षोभ समेत कई मौसमी प्रणालियों का असर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तरी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। दक्षिणी हरियाणा और आसपास के इलाकों में निचले वायुमंडलीय स्तर पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।
इसके अलावा, पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश से पूर्व-मध्य अरब सागर तक निचले स्तर पर निम्न दबाव का क्षेत्र फैला हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश, तेज हवाओं और बर्फबारी का दौर देखने को मिला है। मौसम में यह बदलाव अगले दो से तीन दिनों तक जारी रह सकता है।
श्रीनगर में 6 डिग्री, जम्मू में 17.6 डिग्री रहा न्यूनतम तापमान
जम्मू-कश्मीर में ताजा बर्फबारी के बाद शोपियां, गुरेज, माछिल, गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम की ऊंची चोटियां बर्फ से ढक गई हैं। पीर की गली में भी हिमपात हुआ।
कश्मीर को जम्मू से जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग मुगल रोड तड़के बंद कर दिया गया था। हालांकि, दोपहर तक बर्फ हटाने के बाद इस मार्ग पर एकतरफा यातायात बहाल कर दिया गया। जम्मू संभाग के भद्रवाह, डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, राजोरी और कठुआ के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी से ठंड बढ़ गई।
तापमान की बात करें तो श्रीनगर में अधिकतम तापमान 17.4 और न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू में अधिकतम तापमान 33.1 और न्यूनतम 17.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
हिमाचल प्रदेश में 8 से 10 डिग्री तक लुढ़का पारा
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के यलो अलर्ट के बीच बृहस्पतिवार को ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। लाहौल-स्पीति, चंबा और कुल्लू की चोटियों पर भारी हिमपात के कारण ठंड बढ़ गई। प्रदेश के ऊंचाई वाले जिलों में तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
लाहौल-स्पीति में बर्फबारी के चलते दारचा से सरचू, दारचा से शिंकुला और ग्रांफू-बातल मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। सचे जोत में 30 सेंटीमीटर तक बर्फ गिरने के कारण पांगी का चंबा जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क टूट गया।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आज भी बारिश और आंधी के आसार
मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में शुक्रवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश और आंधी की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।
इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। दक्षिण भारत में 16 से 20 अक्टूबर के बीच भी कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है।
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