दिल्ली के निर्माण श्रमिकों को बड़ी राहत, पोर्टल बंद रहने की अवधि में मिलेगी समय-सीमा से छूट

HIGHLIGHTS
- दिल्ली निर्माण श्रमिकों को पोर्टल बंद रहने की अवधि के लिए समय-सीमा में राहत मिली।
- 1 मई 2026 से पोर्टल दोबारा शुरू होने तक का समय आवेदन की गणना में नहीं जोड़ा जाएगा।
- तकनीकी खराबी के कारण लंबित पंजीकरण, नवीनीकरण और क्लेम अब खारिज नहीं होंगे।
नई दिल्ली। दिल्ली के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिए राहत की खबर सामने आई है। सरकारी ऑनलाइन पोर्टल बंद होने से प्रभावित हो रहे मजदूरों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने समय-सीमा में विशेष छूट देने का फैसला किया है।
बोर्ड की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पोर्टल के बंद रहने की अवधि को आवेदन की तय समय-सीमा में शामिल नहीं किया जाएगा। इससे उन श्रमिकों को फायदा मिलेगा, जिनका पंजीकरण, नवीनीकरण या सरकारी योजनाओं से जुड़े क्लेम तकनीकी कारणों से समय पर जमा नहीं हो सके।
मई से बंद पड़ा है श्रमिक पोर्टल
जानकारी के मुताबिक, अदालत के निर्देश पर करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया नया श्रमिक पोर्टल मई 2026 के पहले सप्ताह से काम नहीं कर रहा है। पोर्टल बंद होने के कारण मजदूरों के नए पंजीकरण, पुराने श्रमिक कार्ड के नवीनीकरण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया रुक गई थी।
पोर्टल की इस समस्या को लेकर श्रमिक संगठनों ने भी आपत्ति दर्ज कराई थी। राष्ट्रीय भवन निर्माण संघ और सर्वजन भवन निर्माण मजदूर संघ ने बोर्ड को पत्र भेजकर समस्या का समाधान करने की मांग की थी।
पोर्टल बंद रहने की अवधि नहीं होगी शामिल
बोर्ड के चेयरमैन की मंजूरी के बाद जारी आदेश में कहा गया है कि 1 मई 2026 से लेकर पोर्टल पूरी तरह दोबारा शुरू होने तक की अवधि को समय-सीमा की गणना में नहीं जोड़ा जाएगा।
इस फैसले के बाद अगर किसी श्रमिक का आवेदन, नवीनीकरण या क्लेम जमा करने की अंतिम तारीख पोर्टल बंद रहने के दौरान निकल गई है, तो उसे सिर्फ देरी के आधार पर अस्वीकार नहीं किया जाएगा।
तकनीकी समस्या के कारण नहीं छिनेगा श्रमिकों का अधिकार
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था के तौर पर लिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऑनलाइन सिस्टम की खराबी के कारण कोई पात्र मजदूर सरकारी सुविधाओं और योजनाओं के लाभ से वंचित न हो।
पोर्टल की सेवाएं पूरी तरह बहाल होने के बाद श्रमिक बिना किसी अतिरिक्त जुर्माने या रोक के अपना पंजीकरण, नवीनीकरण और लंबित दावे जमा कर सकेंगे।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.