फ्लाईदुबई विमान हाईजैकिंग केस में बड़ा खुलासा, को-पायलट ने कुल्हाड़ी से किया था हमला

HIGHLIGHTS
- UAE अभियोजन पक्ष ने शनिवार को मामले की जानकारी दी।
- आरोपी को-पायलट की पहचान हम्माम अल-हम्मामी के रूप में हुई।
- घटना के समय विमान में 170 से अधिक यात्री मौजूद थे।
दुबई। फ्लाईदुबई की उड़ान में बुधवार को हुई हाईजैकिंग की कोशिश और हमले के मामले में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अभियोजन पक्ष ने शनिवार को बड़ा खुलासा किया है।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ओमान के को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर कॉकपिट में रखी क्रैश कुल्हाड़ी से हमला किया था। अधिकारियों के मुताबिक, यह एक आतंकवादी हमला था। UAE अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी को-पायलट का उद्देश्य विमान को अपने नियंत्रण में लेना था।
कॉकपिट में क्यों रखी जाती है क्रैश कुल्हाड़ी?
अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत हर कमर्शियल एयरलाइन के कॉकपिट में आपातकालीन परिस्थितियों में इस्तेमाल के लिए एक क्रैश कुल्हाड़ी रखना अनिवार्य होता है।
अमेरिका में 25 साल पहले हुए 9/11 आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन कुल्हाड़ियों को मुख्य केबिन से हटाकर कॉकपिट के अंदर सुरक्षित रखा जाने लगा था।
34,000 फीट की ऊंचाई पर हुआ हमला
बुधवार को फ्लाईदुबई के विमान में यह घटना उस समय हुई, जब उसमें 24 बच्चों समेत 170 से ज्यादा यात्री सवार थे। बोइंग 737 विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर था, तभी सह-पायलट हम्माम ने विमान को गिराने और उसका अपहरण करने की कोशिश की।
कैप्टन स्मित मच्छर ने जब उसे रोकने की कोशिश की, तो सह-पायलट ने उन पर चाकू और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले के बाद विमान करीब 23,000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे आने लगा और 15,600 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया।
गंभीर रूप से घायल पायलट ने दिखाई सूझबूझ
गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित ने सूझबूझ दिखाई। उन्होंने फर्श पर लेटे-लेटे ही कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।
इसके बाद क्रू मेंबर और यात्रियों ने कॉकपिट के अंदर पहुंचकर हमलावर सह-पायलट को पकड़ लिया।
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