केतन अग्रवाल की मौत मामले में बड़ा खुलासा, डिलीट की गई 11 चैट भी हुईं रिकवर

HIGHLIGHTS
- साइबर फोरेंसिक टीम ने 1,801 चैट का डेटा रिकवर किया।
- व्हाट्सएप से डिलीट की गई 11 अहम बातचीत भी जांच में सामने आई।
- चैटजीपीटी पर 81 सर्च और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की गतिविधियों की जांच हुई।
पुणे। लोहगढ़ किले की चट्टान से घाटी में गिरने से हुई केतन अग्रवाल की मौत को पुणे पुलिस ने साधारण हादसा नहीं, बल्कि कथित तौर पर सोची-समझी साजिश बताया है। पुलिस की ओर से दाखिल 5,053 पन्नों की चार्जशीट में सिया गोयल, उसके साथी चेतन चौधरी और रितेश हांगे के खिलाफ डिजिटल सबूत जुटाए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपराध से जुड़े सबूत मिटाने के लिए मोबाइल से कई मैसेज डिलीट कर दिए थे। हालांकि साइबर फोरेंसिक टीम ने 1,801 चैट का डेटा रिकवर किया। इनमें व्हाट्सएप से डिलीट की गई 11 अहम बातचीत भी शामिल हैं। इसके अलावा चैटजीपीटी पर की गई 81 सर्च, व्हाट्सएप की 367, इंस्टाग्राम की 248 और स्नैपचैट की 128 सर्च के साथ बायोमी और फेसबुक समेत अन्य ऐप्स के डेटा की भी फोरेंसिक जांच की गई।
फोरेंसिक टीम ने 1,801 चैट की रिकवरी की
पुलिस की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, 18 जून को केतन को जिस स्थान से घाटी में धकेले जाने की बात सामने आई है, उसकी सिया ने पहले ही रेकी कर ली थी। 31 मई को वह केतन के साथ लोहगढ़ गई थी। वहां बांध के पानी और प्राकृतिक नजारों को देखने के बहाने उसने केतन को चट्टान के किनारे खड़ा किया और पीछे से अलग-अलग एंगल से उसकी तस्वीरें लीं।
पुलिस को संदेह है कि यह तैयारी कथित हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि 14 जून को सिया ने केतन को लोहगढ़ से नीचे धकेलने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय वह सफल नहीं हो सकी।
चैटजीपीटी पर की गईं कई सर्च
जांच में आरोपियों की इंटरनेट सर्च भी सामने आई है। चार्जशीट के मुताबिक, केतन की मां के साथ विवाद के बाद सिया ने सास से भावनात्मक तरीके से माफी मांगने और पति का गुस्सा शांत करने के बारे में चैटजीपीटी पर जानकारी मांगी थी।
इसके अलावा पति की मौत के बाद दुख का दिखावा कैसे किया जाए और संवेदनाएं किस तरह व्यक्त की जाएं, इस बारे में भी सर्च की गई। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद अखबारों में खबरें किस तरह प्रकाशित होती हैं और क्या पुलिस डिलीट की गई चैट को रिकवर कर सकती है, इसकी जानकारी भी इंटरनेट पर तलाश की गई थी।
फिल्मों और पॉडकास्ट से भी ली जानकारी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कथित साजिश की तैयारी के दौरान 'बदला', 'इत्तेफाक', 'हिट: द फर्स्ट केस' और 'चोर निकल के भागा' जैसी सस्पेंस और अपराध आधारित फिल्मों का सहारा लिया गया था।
लोगों के दिमाग को प्रभावित कर उन्हें गुमराह करने से जुड़े पॉडकास्ट भी सुने गए थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने 2025 में लोहगढ़ में हुई एक पर्यटक की मौत और मेघालय के राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी इंटरनेट पर पढ़ी थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने करीब 9,200 वीडियो खंगाले। इससे यह सामने आया कि घटना के समय वहां मौजूद अन्य पर्यटकों के कैमरों में भी आरोपी कैद हुए थे।
केतन ने महिला दोस्त से बताई थी परेशानी
चार्जशीट में दर्ज गवाही के मुताबिक, घटना से करीब एक महीने पहले 16 मई को केतन अपनी पुरानी महिला दोस्त के घर गया था। अपनी सगाई के मौके पर उससे मिलने पहुंचे केतन ने सिया के व्यवहार को लेकर अपनी परेशानी साझा की थी।
उसने दोस्त को बताया था कि सिया को शराब की लत लग चुकी है, वह उस पर लगातार मानसिक दबाव बनाती है और उसने अपनी पढ़ाई-लिखाई को लेकर भी उससे झूठ बोला है।
सिया के जन्मदिन की तैयारी कर रहा था केतन
चार्जशीट के मुताबिक, एक ओर सिया के खिलाफ हत्या की योजना बनाने का आरोप है, वहीं दूसरी ओर केतन उसके जन्मदिन को खास बनाने की तैयारी कर रहा था। 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए उसने महाबलेश्वर के एक बड़े होटल में 25 कमरे और एक प्राइवेट स्विमिंग पूल बुक किया था।
इस बुकिंग पर करीब 3 लाख रुपये खर्च होने थे और केतन ने 50 हजार रुपये एडवांस भी दिए थे। उसने व्हाट्सएप पर 'जून 19 बर्थडे सेलिब्रेशन' नाम से एक ग्रुप भी बनाया था।
हालांकि, 18 जून को लोहगढ़ से गिरने के बाद केतन की मौत हो गई। चार्जशीट के अनुसार, उसके लिए इतनी बड़ी तैयारी करने वाली सिया उसके अंतिम दर्शन के लिए भी नहीं पहुंची। पुणे पुलिस ने चार्जशीट में तकनीकी और डिजिटल सबूत शामिल किए हैं।
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