मनीष ब्रह्मभट्ट ने लॉन्च की 'कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक', सीजेपी के नाम से बनी एक और पार्टी

HIGHLIGHTS
- नए मंच में शामिल होने के लिए सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप का विकल्प दिया गया।
- सदस्यों की राय को फैसलों में शामिल करने की बात कही गई।
- राष्ट्रीय टीम के गठन के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया गया।
मनीष ब्रह्मभट्ट ने गुरुवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक' नाम से नए राजनीतिक मंच के गठन की घोषणा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों से एक ऐसी राष्ट्रीय टीम तैयार करने की अपील की, जो पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से काम करे। ब्रह्मभट्ट ने विशेष रूप से कहा कि इस मंच को किसी एक नेता या व्यक्ति की टीम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि देशभर के लोगों के लिए इस पहल से जुड़ने के लिए सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और मिस्ड कॉल समेत कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं।
क्या होगा नए राजनीतिक मंच का फोकस?
ब्रह्मभट्ट के अनुसार, नए संगठन का प्रमुख फोकस पारदर्शिता और जवाबदेही पर होगा। उनका कहना है कि संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले सदस्यों की राय के आधार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग पारदर्शिता और जवाबदेही में विश्वास रखते हैं और यह मानते हैं कि जवाबदेही सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि राजनीतिक टीम की भी होनी चाहिए, वे इस पहल से जुड़ सकते हैं।
'देश की टीम बनाइए, केजरीवाल की नहीं'
नए मंच की शुरुआत के कारणों के बारे में बताते हुए ब्रह्मभट्ट ने कहा कि उन्होंने पहले भी संबंधित लोगों से अपील की थी कि इसे किसी व्यक्ति या राजनीतिक हित तक सीमित नहीं रखा जाए। उन्होंने दावा किया कि यह देश का आंदोलन है और इसे लोकतांत्रिक तरीके से देश की टीम के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका मकसद इस पहल को 'केजरीवाल की टीम' बनाने के बजाय ऐसी राष्ट्रीय टीम तैयार करना है, जिसमें फैसले लोकतांत्रिक तरीके से लिए जाएं।
स्वयंसेवकों से सलाह न लेने का लगाया आरोप
ब्रह्मभट्ट ने एक अन्य टीम के गठन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में स्वयंसेवकों से पर्याप्त सलाह नहीं ली गई और कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने दिल्ली में हुई एक स्वयंसेवक बैठक का उल्लेख करते हुए दावा किया कि बैठक में मौजूद लोगों के मोबाइल फोन ले लिए गए थे। उनके मुताबिक, ऐसा बैठक की कार्यवाही रिकॉर्ड किए जाने से रोकने के लिए किया गया था।
ब्रह्मभट्ट ने कहा कि अगर कोई आंदोलन राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव और पारदर्शिता की बात करता है, तो इस तरह की प्रक्रिया उसके घोषित सिद्धांतों के अनुरूप नहीं हो सकती।
'किसी एक पार्टी को हराना ही हमारा एजेंडा नहीं'
ब्रह्मभट्ट ने कहा कि उनके समूह का उद्देश्य किसी एक राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनका मंच भ्रष्टाचार और उस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाएगा, जिसे उन्होंने 'गटर सिस्टम' बताया। उन्होंने कहा कि सत्ता में कोई भी राजनीतिक दल हो या किसी भी राज्य में सरकार हो, संगठन भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाएगा और लोगों की आवाज उठाने की कोशिश करेगा।
लोकतांत्रिक तरीके से चुनी जाएगी राष्ट्रीय टीम
नए संगठन के संस्थापक ने कहा कि इसकी राष्ट्रीय टीम का गठन भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संगठन के प्रत्येक फैसले में पारदर्शिता बरती जाएगी और सदस्यों की राय को महत्व दिया जाएगा।
उन्होंने नागरिकों और स्वयंसेवकों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सऐप और मिस्ड कॉल सुविधा के जरिए संगठन से जुड़ने की अपील की।
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