मुजफ्फरनगर में अवैध निर्माण पर MDA का बड़ा एक्शन, 10 जगहों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग

HIGHLIGHTS
- अभियान के दौरान जोन-3, जोन-4 और जोन-5 में कार्रवाई की गई।
- मिमलाना रोड पर करीब 11 बीघा में विकसित की जा रही कॉलोनी पर ध्वस्तीकरण हुआ।
- रामपुर तिराहे पर अवैध कॉलोनी का मुख्य द्वार भी गिराया गया।
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (MDA) ने अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ गुरुवार सुबह करीब 8 बजे से बड़ा अभियान चलाया। जोन-3, जोन-4 और जोन-5 में एक साथ 10 स्थानों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की गई। मिमलाना रोड पर करीब 11 बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कराया गया। इसके अलावा कई दुकानों और व्यावसायिक हॉल को भी सील किया गया।
MDA के अनुसार, मिमलाना रोड पर अनवर स्टार पैलेस के पीछे डॉ. यामीन, फुरकान और नरेश उर्फ बंटी करीब 11 बीघा भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित कर रहे थे। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर कॉलोनी के अवैध निर्माणों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। वहीं, रामपुर तिराहे पर नीरज चौहान द्वारा अवैध कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर बनाए गए मुख्य द्वार को भी ध्वस्त कराया गया।
शामली रोड स्थित खांजापुर में समय सिंह द्वारा करीब 500 वर्गमीटर क्षेत्र में भूतल और प्रथम तल पर बनाए गए व्यावसायिक हॉल को सील कर दिया गया। रुड़की रोड पर श्रीराम कटोरी द्वार के पास मनीष द्वारा करीब 100 वर्गमीटर में बनाई गई चार दुकानों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इसी क्षेत्र में अभिषेक सिंह द्वारा भूतल और प्रथम तल पर बनाई गई दुकानों को भी सील किया गया।
रामलीला टिल्ला और शाहबुद्दीनपुर रोड पर भी कार्रवाई
रामलीला टिल्ला क्षेत्र में वीरमती और कविता सैनी द्वारा करीब 125 वर्गमीटर में बनाई गई छह दुकानों को सील कर दिया गया। शाहबुद्दीनपुर रोड पर पिंटू द्वारा करीब 200 वर्गमीटर में भूतल पर बनाई गई चार दुकानों और प्रथम तल पर किए गए आवासीय निर्माण के खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
NH-58 पर भी सील किए गए व्यावसायिक निर्माण
NH-58 बाईपास रोड पर गणपति ढाबे से पहले मुजस्सिम अली द्वारा बनाए गए दो व्यावसायिक हॉल को सील किया गया। हरिद्वार रोड पर गणपति ढाबे के पास इमरान द्वारा करीब 450 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाए गए दो व्यावसायिक हॉल पर भी कार्रवाई की गई।
इसके अलावा NH-58 स्थित शिव ढाबे के पास आलम द्वारा करीब 300 वर्गमीटर क्षेत्र में किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को भी सील कर दिया गया। यहां दीवारें और कॉलम खड़े कर निर्माण किया जा रहा था।
नोटिस के बाद भी नहीं हटाए निर्माण
MDA अधिकारियों के अनुसार, इन सभी निर्माणों के खिलाफ पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। चालानी कार्रवाई के बाद कई मामलों में सीलिंग और ध्वस्तीकरण के आदेश भी पारित किए गए थे। इसके बावजूद संबंधित भू-स्वामियों और निर्माणकर्ताओं ने अवैध निर्माण नहीं हटाए। इसके बाद प्राधिकरण की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और कार्रवाई की।
पुलिस बल के साथ पहुंची प्राधिकरण की टीम
अभियान के दौरान MDA के सहायक अभियंता, अवर अभियंता समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि विकास क्षेत्र में बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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