मुजफ्फरनगर: जौला में शराब ठेका हटाने की मांग पर महापंचायत, भाकियू ने दी आंदोलन की चेतावनी

HIGHLIGHTS
- जौला गांव में शराब का ठेका हटाने की मांग को लेकर भाकियू ने महापंचायत आयोजित की।
- ग्रामीणों ने प्रशासन को दो दिन का समय दिया, मांग पूरी नहीं होने पर एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन की चेतावनी।
- आबकारी विभाग ने ठेका दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए ग्रामीणों से समय मांगा है।
मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना तहसील के जौला गांव में शराब के ठेके को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार शाम भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेतृत्व में आयोजित महापंचायत में ग्रामीणों ने ठेका हटाने की मांग उठाई। पंचायत में प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी गई कि अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो एसडीएम कार्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
जौला गांव में आयोजित इस महापंचायत में शाम करीब 5:30 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग पहुंचे। भाकियू तहसील अध्यक्ष संजीव पंवार की अध्यक्षता में हुई पंचायत में सभी वक्ताओं ने गांव के बीच चल रहे शराब के ठेके को हटाने की मांग का समर्थन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि शराब के ठेके को बंद कराने के लिए वह पिछले कई दिनों से अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि ठेके के आसपास नशे में रहने वाले कुछ लोग महिलाओं और आने-जाने वाले लोगों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, जिससे गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है।
महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू जिला महासचिव अनुज बालियान ने कहा कि जब तक जौला मार्ग पर संचालित शराब का ठेका हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को जल्द निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में ठेके को अन्य स्थान पर शिफ्ट नहीं किया गया तो बुढ़ाना एसडीएम कार्यालय पर भाकियू और ग्रामीणों की ओर से बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
महापंचायत के दौरान जिला आबकारी निरीक्षक महेश नंदन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और भाकियू नेताओं से बातचीत की और ठेके को स्थानांतरित करने के लिए दो दिन का समय मांगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि निर्धारित समय में समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
वहीं भाकियू तहसील अध्यक्ष संजीव पंवार ने शराब की दुकानों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में शराब के ठेके खुलने से युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और समाज में कई तरह की समस्याएं बढ़ रही हैं।
महापंचायत में भाकियू पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान अनुज बालियान, कुंवर शोयब, आरिफ, वसीम ठाठ सिंह, अंकुर और ग्राम प्रधान जमशेद सहित कई लोग उपस्थित रहे।
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