मुजफ्फरनगर: मावा भट्टियों पर छापेमारी, 18 नमूने लिए; 420 लीटर दूध और 510 किलो मावा नष्ट

HIGHLIGHTS
- कई मावा भट्टियों से दूध, मावा, एसएमपी और वनस्पति के नमूने लिए गए।
- कुल 18 विधिक नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।
- करीब 490 किलो एसएमपी पाउडर सीज किया गया।
उत्तर प्रदेश के आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर मुजफ्फरनगर जिले में आगामी रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण खाद्य और पेय पदार्थ उपलब्ध कराना है।
इसी क्रम में सहायक आयुक्त खाद्य-II अर्चना धीरान और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में ग्राम भैंसारेडी, मुजफ्फरनगर में कार्रवाई की गई। अतिकुर रहमान मावा भट्टी से मावा और दूध के एक-एक विधिक नमूने लिए गए। शाहनवाज मावा भट्टी से मावा और एसएमपी (SMP) के एक-एक नमूने संग्रहित किए गए। देवेंद्रपाल मावा भट्टी से भी मावा और दूध के एक-एक विधिक नमूने नियमानुसार लिए गए।
देर रात ग्राम धनसनी में भी कार्रवाई की गई। सलमुद्दीन मावा भट्टी से मावा, वनस्पति और एसएमपी के एक-एक नमूने लिए गए। शमशुद्दीन मावा भट्टी से मावा, इंटरस्टेरिफाइड वेजिटेबल फैट और एसएमपी के एक-एक नमूने संग्रहित किए गए।
मीराजुद्दीन मावा भट्टी से मिश्रित दूध, मावा, एसएमपी और वनस्पति के एक-एक नमूने लिए गए। इसके अलावा शकील मावा भट्टी से मावा और एसएमपी के एक-एक नमूने संग्रहित किए गए। इस तरह कुल 18 विधिक नमूने नियमानुसार लिए गए।
छापेमारी के दौरान मौके पर उपलब्ध करीब 420 लीटर दूध, जिसकी अनुमानित कीमत ₹25,200 थी, और 510 किलोग्राम मावा, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1,37,800 थी, नष्ट कराया गया। यह सामग्री प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के अनुरूप नहीं प्रतीत हो रही थी और अस्वच्छ तथा अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में भंडारित थी।
इसके अलावा करीब 490 किलोग्राम एसएमपी पाउडर, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2,23,840 थी, और 50 किलोग्राम वनस्पति, जिसकी अनुमानित कीमत ₹8,810 थी, को नियमानुसार सीज किया गया। जिन प्रतिष्ठानों में मावा निर्माण में एसएमपी के साथ वनस्पति का प्रयोग किया जा रहा था, उनका संचालन तत्काल बंद करा दिया गया।
अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप सिंह, वैभव शर्मा, सुनील कुमार, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. विशाल चौधरी, नेहा चौधरी, पूनम कुमारी, भोगेंद्र और अवधेश शामिल रहे।
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