मुजफ्फरनगर: जेल में धूमधाम से बना रक्षाबंधन, बहनों ने बंदी भाइयों की कलाई पर बांधी राखी

HIGHLIGHTS
- बहनों ने भाइयों का हालचाल पूछकर उन्हें ढांढस बंधाया
- राखी बांधने के बाद भाइयों की लंबी उम्र की कामना की गई
- कुछ बंदियों ने भविष्य में गलतियां न दोहराने का संकल्प जताया
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्ते और भावनाओं का गवाह बना। बंदी भाइयों की कलाई राखी से सूनी न रहे, इसके लिए उनकी बहनें सुबह से ही राखी और मिठाई लेकर जेल पहुंचती रहीं। लंबे समय बाद भाइयों से मुलाकात हुई तो कई बहनें भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद मिठाई खिलाकर उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों का हालचाल जाना और उन्हें हिम्मत दी। वहीं भाइयों ने भी बहनों को देखकर खुशी जताई और उनके सुखी जीवन की प्रार्थना की।
राखी बांधने के दौरान कई बहनें अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। किसी ने राखी बांधने के बाद भाई का हाथ थाम लिया तो किसी ने मिठाई खिलाते हुए बीते दिनों को याद किया। भाइयों ने भी बहनों से घर-परिवार का हाल पूछा। जेल की चारदीवारी के भीतर हुई यह मुलाकात भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती को दर्शा रही थी।
बहनों ने की भाई के जल्द सामान्य जीवन में लौटने की कामना
भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के बाद बहनों ने उनके अच्छे भविष्य के लिए प्रार्थना की। उन्होंने भाइयों के स्वस्थ रहने, जीवन में आगे बढ़ने और जल्द परिवार के बीच सामान्य जिंदगी बिताने की इच्छा जताई। कई बहनों ने भाइयों को जेल से बाहर आने के बाद जीवन को नई दिशा देने और परिवार के साथ बेहतर भविष्य बनाने की सलाह भी दी।
भाइयों ने बहनों से किया बेहतर जीवन का वादा
मुलाकात के दौरान भाइयों ने भी बहनों से कहा कि वे आगे परिवार की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। कुछ बंदियों ने अपनी परिस्थितियों से सबक लेने, भविष्य में गलतियां न दोहराने और जिंदगी को बेहतर बनाने की बात कही।
मिठाई खिलाकर मनाया रक्षाबंधन
राखी बांधने के बाद बहनों ने भाइयों को मिठाई खिलाई और भाइयों ने भी उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। मुलाकात के दौरान कहीं खुशी दिखाई दी तो कहीं भावुकता का माहौल रहा। त्योहार के दिन परिवार से मिलने का अवसर बंदियों के लिए भावनात्मक सहारे जैसा रहा।
जेल प्रशासन ने किए सुरक्षा के विशेष प्रबंध
रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए जिला कारागार प्रशासन ने मुलाकात और सुरक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की। जेल पहुंचने वाली बहनों की मुलाकात व्यवस्थित तरीके से कराई गई और निर्धारित नियमों का पालन कराया गया। जेल कर्मचारियों ने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सहयोग किया।
जेल अधीक्षक बोले- परिवार से जुड़ाव सुधार की भावना को मजबूत करता है
जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व है। बंदियों के लिए परिवार और बहनों से मिलने का अवसर भावनात्मक रूप से काफी महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन का प्रयास रहता है कि त्योहारों पर बंदियों को उनके परिजनों से सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मिलने का मौका मिले।
उन्होंने कहा कि परिवार से जुड़ाव और सकारात्मक रिश्ते बंदियों के भीतर सुधार की भावना को मजबूत कर सकते हैं। ऐसे अवसर उन्हें परिवार, जिम्मेदारियों और अपने भविष्य के बारे में सोचने का अवसर भी देते हैं।
जेल की चारदीवारी में नजर आई रिश्तों की गर्माहट
सामान्य दिनों में जिला कारागार में सुरक्षा और अनुशासन का सख्त माहौल रहता है, लेकिन रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं ने माहौल को बदल दिया। राखी के रंग और मिठाई की मिठास के बीच बहनों और भाइयों के चेहरों पर अपनापन दिखाई दिया। किसी बहन ने भाई की सलामती के लिए दुआ की तो किसी ने उसे परिवार की जिम्मेदारियों का एहसास कराया।
बहनों के लिए भी भावुक रहा रक्षाबंधन
जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनों के लिए भी यह दिन भावनात्मक रूप से खास रहा। जेल पहुंचने से लेकर भाई की कलाई पर राखी बांधने तक उनके मन में कई तरह की भावनाएं चलती रहीं। राखी बांधने के बाद उन्होंने भाइयों की सलामती की प्रार्थना की और परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद जताई।
सलाखें भी नहीं रोक सकीं स्नेह की डोर
रक्षाबंधन के अवसर पर जिला कारागार में हुआ भाई-बहन का यह मिलन बताता है कि परिस्थितियां और जेल की दीवारें रिश्तों की भावनाओं को नहीं रोक सकतीं। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर प्रेम, विश्वास और अपनत्व का संदेश दिया। मुलाकात के बाद बहनें घर लौट गईं, लेकिन भाइयों की कलाई पर बंधी राखी पूरे दिन उन्हें परिवार और रिश्तों की याद दिलाती रही।
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