ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान से जोड़कर नई संभावनाएं खोलने की जरूरत: सीएम योगी

HIGHLIGHTS
- महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय का पांचवां स्थापना दिवस समारोह आयोजित हुआ
- पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक पहचान दिलाने पर जोर दिया गया
- आयुर्वेद को क्लीनिकल रिसर्च से जोड़ने की बात कही गई
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की हजारों वर्षों से चली आ रही ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान, शोध और तकनीक से जोड़कर नई संभावनाएं पैदा की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को आधुनिक डायग्नोस्टिक और क्लीनिकल रिसर्च, मेडिसिनल प्लांट को आधुनिक कृषि एवं बायोटेक्नोलॉजी तथा योग को प्रिवेंटिव हेल्थकेयर से जोड़ने की जरूरत है। इससे पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक पहचान मिलने के साथ-साथ नई अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे।
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के पांचवें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ डिग्री हासिल करना नहीं होना चाहिए। शिक्षा के जरिए ऐसे सक्षम युवाओं को तैयार किया जाना चाहिए, जो अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से नए अवसर पैदा कर सकें। विद्यार्थियों को केवल जॉब रेडी नहीं, बल्कि फ्यूचर रेडी बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्हें इनोवेटर, इंटरप्रेन्योर और प्रॉब्लम सॉल्वर बनने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय की बड़ी समस्याओं का समाधान किसी एक विषय की सीमाओं में नहीं, बल्कि विभिन्न ज्ञान विधाओं के मेल से संभव होगा। मेडिकल, नर्सिंग, फार्मेसी, कृषि और अन्य क्षेत्रों को अलग-अलग स्ट्रीम के तौर पर देखने के बजाय एकीकृत ज्ञान और इनोवेशन इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई आधारित डायग्नोसिस, टेलीमेडिसिन, बायोटेक्नोलॉजी, प्रिसिजन फार्मिंग, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट इरिगेशन और एग्री प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार, विश्वविद्यालय, उद्योग और युवा मिलकर ऐसा इकोसिस्टम तैयार करें, जिसमें ज्ञान से इनोवेशन, इनोवेशन से उद्यम, उद्यम से रोजगार और रोजगार से आर्थिक विकास की प्रक्रिया आगे बढ़े। गोरखपुर को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और इनोवेशन के बड़े क्षेत्रीय नॉलेज एवं इकोनॉमिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय के पांच वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि परिसर में तैयार होने वाला ज्ञान गांव, किसान, अस्पताल, उद्योग और युवा उद्यम तक पहुंचे, तभी विश्वविद्यालय वास्तव में समाज की शक्ति और देश की आर्थिक प्रगति का माध्यम बन सकेगा।
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