देवघर से गुवाहाटी के लिए शुरू हुई नई फ्लाइट सेवा, बाबा नगरी अब पूर्वोत्तर से जुड़ी

HIGHLIGHTS
- पहली उड़ान में गुवाहाटी से 50 यात्री देवघर पहुंचे, एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत।
- नई सेवा से मां कामाख्या और बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा।
- देवघर एयरपोर्ट से अब मुंबई, बेंगलुरु और पूर्वोत्तर के बाद अन्य गंतव्यों की कनेक्टिविटी भी मजबूत हुई।
देवघर। श्रावणी मेला और मंगलवार के शुभ अवसर पर देवघर एयरपोर्ट से यात्रियों को नई हवाई सुविधा मिली है। द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन के साथ गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर जाने की इच्छा रखने वाले यात्रियों के लिए देवघर-गुवाहाटी के बीच नई फ्लाइट सेवा शुरू हो गई है।
यह विमान सेवा सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को संचालित होगी। गुवाहाटी से पहली फ्लाइट 50 यात्रियों को लेकर सुबह 11:20 बजे देवघर एयरपोर्ट पहुंची। फ्लाइट के आगमन पर एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से रनवे पर वाटर कैनन से स्वागत किया गया। वहीं, देवघर से गुवाहाटी जाने वाले यात्रियों से केक कटवाकर इस नई सेवा की शुरुआत का जश्न मनाया गया।
पहली फ्लाइट के यात्री ने काटा केक और जलाया दीप
देवघर से गुवाहाटी जाने वाली पहली फ्लाइट में 43 यात्री सवार थे। पहले यात्री धर्मचंद्र जैन अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चे के साथ गुवाहाटी जा रहे थे। उन्होंने परिवार और अन्य यात्रियों के साथ मिलकर दीप प्रज्वलित किया और केक काटकर खुशी साझा की।
एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंडिगो के प्रतिनिधियों ने यात्रियों का स्वागत किया। इस दौरान एक कांवड़िया भी मौजूद था, जो गुवाहाटी जा रहा था। उसका भी डमी टिकट देकर स्वागत किया गया। यात्रियों ने प्रतिनिधियों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
आने-जाने वाले यात्रियों का गुलाब देकर स्वागत
नई फ्लाइट सेवा शुरू होने के पहले दिन देवघर एयरपोर्ट पर सुबह से ही विशेष गतिविधियां देखने को मिलीं। गुवाहाटी जाने वाले यात्रियों की बोर्डिंग पहले ही पूरी कर ली गई थी। इसी दौरान दिल्ली से देवघर आने वाली फ्लाइट का भी संचालन हो रहा था।
पहले दिन देवघर-गुवाहाटी फ्लाइट से आने और जाने वाले कुल 93 यात्रियों का गुलाब का फूल देकर स्वागत किया गया। यात्रियों को नाश्ते के पैकेट भी दिए गए।
फ्लाइट 6E 7709 गुवाहाटी से सुबह 9:25 बजे रवाना होकर करीब 11:20 बजे देवघर पहुंची। वहीं, देवघर से 6E 7710 ने सुबह 11:50 बजे उड़ान भरी।
अक्टूबर तक संचालन का शेड्यूल
इंडिगो प्रबंधन के अनुसार, करीब एक हजार किलोमीटर की यह यात्रा लगभग दो घंटे में पूरी होगी। देवघर-गुवाहाटी के बीच 78 सीटों वाली यह फ्लाइट सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को संचालित होगी। फिलहाल इसे अक्टूबर तक चलाने का शेड्यूल मिला है, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
इस हवाई सेवा के शुरू होने से सत्संग आश्रम से जुड़े हजारों अनुयायियों को भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा देवघर आने वाले और यहां से मां कामाख्या के दर्शन की योजना बनाने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी।
पूर्वोत्तर से जुड़ा देवघर एयरपोर्ट
देवघर एयरपोर्ट से पहले केवल दिल्ली के लिए फ्लाइट सेवा उपलब्ध थी। अब मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के लिए भी हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध है। 4 अगस्त से शुरू हुई गुवाहाटी सेवा के साथ देवघर अब पूर्वोत्तर भारत से भी जुड़ गया है।
पहले साल में करीब दो लाख यात्रियों ने देवघर एयरपोर्ट से यात्रा की थी। विमानों की संख्या बढ़ने के साथ यात्रियों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है।
दक्षिण भारत के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी
देवघर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग पढ़ाई और रोजगार के लिए बेंगलुरु जाते हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत में इलाज कराने जाने वाले लोगों के लिए भी हवाई सेवा से यात्रा आसान हुई है। वर्ष 2024 में देवघर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की सुविधा भी शुरू हुई थी।
मालदीव, बाली, थाईलैंड के फुकेट और पोर्ट ब्लेयर जैसे स्थानों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा मिलने से एयरपोर्ट का महत्व बढ़ा है।
संताल परगना के छह जिलों के अलावा धनबाद, गिरिडीह और बिहार के भागलपुर, बांका तथा जमुई के लोग भी देवघर एयरपोर्ट का उपयोग कर रहे हैं। वहीं, पारसनाथ जाने वाले जैन तीर्थयात्रियों के लिए भी यह एयरपोर्ट सुविधाजनक साबित हो रहा है, क्योंकि यहां से पारसनाथ की दूरी कम है।
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