'अब परीक्षा तंत्र से नहीं होगा खिलवाड़', नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स पर बोले अमित शाह

HIGHLIGHTS
- परीक्षा सुधारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया।
- अमित शाह ने कहा कि टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली की पवित्रता सुनिश्चित करेगी और पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई पावर्ड टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की। केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार नई पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निरंतर सुधार के सिद्धांत पर काम कर रही है।
अमित शाह ने क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि व्यापक परीक्षा सुधारों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स का गठन किया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में कोई भी परीक्षा प्रणाली की पवित्रता से खिलवाड़ न कर सके।
अमित शाह ने आगे कहा कि पेपर लीक के दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी, जो एक मिसाल बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने का साहस न कर सके।
सीएम योगी ने फैसले को बताया ऐतिहासिक पहल
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी टास्क फोर्स के गठन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों के लिए उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल का गठन करोड़ों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक दूरदर्शी और ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रत्येक प्रतिभा को निष्पक्ष अवसर देने, हर विद्यार्थी के परिश्रम को न्याय दिलाने और परीक्षा प्रणाली पर छात्रों के विश्वास को और अधिक मजबूत करने का कार्य करेगा। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के करोड़ों युवाओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
टास्क फोर्स में शामिल हैं ये सदस्य
प्रधानमंत्री ने बताया कि यह टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों से जुड़े सभी पहलुओं पर काम करेगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का यह समूह एनटीए की परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करेगा, विशेष रूप से तकनीक और सिस्टम में ढांचागत सुधारों के क्षेत्र में।
इस टास्क फोर्स में टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि, इसरो के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ, आईबी के पूर्व डायरेक्टर तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के डायरेक्टर वी. कामाकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं।
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