एनएसई की BSE पर लिस्टिंग, ₹1,800 पर हुई शुरुआत; मार्केट कैप ₹4.45 लाख करोड़ पार

HIGHLIGHTS
- NSE के शेयर 0.8 फीसदी प्रीमियम के साथ BSE पर लिस्ट हुए।
- IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर था।
- इश्यू में 8 शेयरों का लॉट साइज तय किया गया था।
- IPO से ₹22,562 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया था।
लंबे समय से नियामकीय अड़चनों और कानूनी प्रक्रियाओं में उलझे देश के प्रमुख शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के शेयरों की आखिरकार बीएसई पर औपचारिक लिस्टिंग हो गई है। गुरुवार को कारोबार शुरू होते ही एनएसई के शेयर इश्यू प्राइस के मुकाबले मामूली बढ़त के साथ बाजार में सूचीबद्ध हुए।
एनएसई के शेयर ₹1,785 प्रति शेयर के इश्यू प्राइस के मुकाबले 0.8 फीसदी प्रीमियम के साथ ₹1,800 प्रति शेयर पर लिस्ट हुए। हालांकि शुरुआत में लिस्टिंग गेन सीमित रहा, लेकिन बाजार में एंट्री के साथ ही एनएसई का मार्केट कैप ₹4.45 लाख करोड़ से अधिक पहुंच गया। इसके साथ एनएसई देश का दूसरा ऐसा स्टॉक एक्सचेंज बन गया है, जिसके शेयर भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए हैं।
शेयर बाजार में कैसी रही एनएसई के शेयरों की शुरुआत?
बीएसई पर लिस्ट होने के बाद एनएसई के शेयरों ने शुरुआती कारोबार में निवेशकों को सीमित लाभ दिया।
लिस्टिंग प्राइस: एनएसई के शेयर ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले ₹1,800 प्रति शेयर पर कारोबार के लिए खुले।
प्रीमियम प्रतिशत: इश्यू प्राइस की तुलना में ₹1,800 की लिस्टिंग 0.8 फीसदी प्रीमियम को दर्शाती है।
मार्केट कैप: लिस्टिंग के साथ ही एनएसई ने ₹4.45 लाख करोड़ से ज्यादा का बाजार पूंजीकरण हासिल किया।
ग्रे मार्केट के अनुमान से कैसा रहा एनएसई का डेब्यू?
प्राइमरी मार्केट में एनएसई की लिस्टिंग को लेकर निवेशकों को ज्यादा प्रीमियम की उम्मीद थी। लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में एनएसई के गैर-सूचीबद्ध शेयर 2 फीसदी के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर कारोबार कर रहे थे।
हालांकि, गुरुवार को बीएसई पर ट्रेडिंग शुरू होने के बाद वास्तविक लिस्टिंग प्रीमियम सिर्फ 0.8 फीसदी रहा। इस तरह एनएसई की वास्तविक शुरुआत ग्रे मार्केट में लगाए जा रहे अनुमानों और दावों से कम रही।
बीएसई की तुलना में एनएसई का मार्केट कैप कितना है?
लिस्टिंग के दौरान प्रीमियम सीमित रहने के बावजूद बाजार पूंजीकरण के लिहाज से एनएसई ने अपने प्रतिद्वंद्वी एक्सचेंज बीएसई को काफी पीछे छोड़ दिया है।
एनएसई का वैल्यूएशन: लिस्टिंग के समय एनएसई का कुल बाजार पूंजीकरण ₹4.45 लाख करोड़ से अधिक रहा।
बीएसई का मार्केट कैप: देश के पहले सूचीबद्ध एक्सचेंज बीएसई का मौजूदा बाजार पूंजीकरण ₹1.33 लाख करोड़ है।
दोनों की तुलना: इस आधार पर एनएसई का मार्केट कैप बीएसई के मुकाबले तीन गुना से भी अधिक है।
₹22,562 करोड़ के आईपीओ में क्या था खास?
एनएसई की लिस्टिंग एक लंबे इंतजार के बाद पूरी हुई प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे पहले एक्सचेंज को कई नियामकीय और कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ा था।
कुल इश्यू साइज: पब्लिक इश्यू के जरिए कुल ₹22,562 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया था।
ऑफर फॉर सेल (OFS): पूरा आईपीओ मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 12.64 करोड़ शेयरों की बिक्री पर आधारित था। इसका मतलब है कि आईपीओ से जुटाई गई पूरी राशि मौजूदा शेयर बेचने वाले निवेशकों को मिलेगी और एनएसई को इससे कोई फंड प्राप्त नहीं होगा।
प्राइस बैंड और लॉट साइज: आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया था और एक लॉट में 8 शेयर शामिल थे।
रिटेल निवेश: खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन राशि ₹14,280 निर्धारित की गई थी।
एंकर इनवेस्टर्स: आम निवेशकों के लिए इश्यू खुलने से एक दिन पहले एनएसई ने 150 से अधिक एंकर निवेशकों से ₹6,746 करोड़ जुटाए थे।
लंबे समय से चली आ रही नियामकीय अड़चनों के बाद एनएसई का बीएसई पर सूचीबद्ध होना भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। लिस्टिंग प्रीमियम भले ही ग्रे मार्केट के अनुमानों से कम रहा, लेकिन ₹4.45 लाख करोड़ से अधिक का मार्केट कैप लिस्टिंग के साथ एनएसई की बाजार में मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
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