दुनिया नई व्यवस्था चाहती है और कुछ लोग भारत में अव्यवस्था का सपना देख रहे: पीएम मोदी का राहुल पर हमला

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने कहा कि भारत की छवि खराब करने के लिए कुछ लोग विदेशों में देश के खिलाफ बोलते हैं।
- प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए पार्टी की बार-बार की कोशिशों पर सवाल उठाए।
- वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब पूरी दुनिया एक नई व्यवस्था की तलाश में है, तब कुछ लोग भारत में अव्यवस्था का सपना देख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश की छवि खराब करने में जुटे हैं। वे विदेश जाकर भारत को बदनाम करते हैं और दूसरे देशों के लोगों से भारतीय मामलों में हस्तक्षेप करने की अपील करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए क्या कहा?
एक समाचार चैनल के समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने ‘फेल प्रोडक्ट’ को लॉन्च करने की कोशिश में पार्टी कब तक देश को दांव पर लगाए रखेगी, यह कोई नहीं जानता।
उन्होंने कहा कि श्रीहरिकोटा से एक साल में जितने रॉकेट लॉन्च नहीं होते, उससे अधिक बार कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने की नाकाम कोशिश करती है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस का परिवार अब अपनी ही पार्टी पर बोझ बन चुका है।
देश की अर्थव्यवस्था पर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। इसके बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आया है।
कोरोना काल को लेकर क्या कहा?
पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में दुनिया ने भारत की भूमिका देखी थी। उन्होंने कहा कि भारत के योगदान पर विस्तार से चर्चा करने से पहले वह लोगों को सात से आठ साल पहले के दौर में ले जाना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब दुनिया को सबसे अधिक सहयोग की जरूरत थी, तब देश आपस में बंटे हुए नजर आए। वैश्वीकरण की बात करने वाले देशों ने संकट के समय अपने हितों को प्राथमिकता दी। उस समय दुनिया में अविश्वास का माहौल था और हर देश दूसरे को संदेह की नजर से देख रहा था। वैश्विक स्तर पर भरोसा अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था।
नई विश्व व्यवस्था को लेकर क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 में उन्होंने जी-20 के मंच से एक विचार रखा था। उन्होंने मानवता के सामूहिक कल्याण के लिए नई विश्व व्यवस्था बनाने का आह्वान किया था। उनका कहना था कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें मानवता को सबसे अधिक महत्व दिया जाए।
उन्होंने बताया कि उसी साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी उन्होंने कहा था कि यदि सदी बदल जाती है, लेकिन हम खुद नहीं बदलते, तो बदलाव लाने की हमारी क्षमता भी कमजोर पड़ जाती है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज सवाल केवल यह नहीं है कि दुनिया की व्यवस्था बदल रही है या नहीं, बल्कि यह भी है कि पुरानी व्यवस्था की जगह लेते समय हम मिलकर किस तरह की नई विश्व व्यवस्था तैयार करना चाहते हैं।
उन्होंने बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही कहा कि वैश्विक दक्षिण को उचित स्थान और अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग केवल अच्छे समय तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संकट के दौर में भी इसे प्रभावी बने रहना जरूरी है।
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