विदेशी नेताओं से दिल्ली के बाहर मिलने पर आपत्ति क्यों? जयशंकर ने कांग्रेस से पूछा सवाल

HIGHLIGHTS
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह इस मुलाकात को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की थी।
- जयशंकर ने अपने तर्क के समर्थन में इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो की शिमला मुलाकात का उदाहरण दिया।
- भारत और अमेरिका की वार्ता टीमें व्यापार समझौते से जुड़े बाकी मुद्दों को सुलझाने में जुटी हैं।
नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुंबई में हुई मुलाकात को लेकर कांग्रेस की आलोचना पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जवाब दिया है। उन्होंने सवाल किया कि विदेशी नेताओं से दिल्ली के बाहर मुलाकात करने पर आपत्ति क्यों जताई जानी चाहिए।
अपनी बात रखते हुए जयशंकर ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच शिमला में हुई मुलाकात का उदाहरण भी दिया।
रूबियो से मुलाकात पर कांग्रेस की आलोचना का जयशंकर ने किया जवाब
एक कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने कहा कि मुंबई देश की वित्तीय और फिल्मी राजधानी है। ऐसे में वहां अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की मेजबानी पर सवाल उठाना उनकी समझ से परे है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह इस मुलाकात को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की थी।
जयशंकर ने कहा, “अगर किसी विदेशी नेता या समकक्ष से मिलने के लिए दिल्ली से बाहर जाना ‘तलब किया जाना’ है, तो मैं ऐसे कई उदाहरण दे सकता हूं। इंदिरा गांधी भुट्टो से मिलने शिमला गई थीं। क्या उन्हें तलब किया गया था?”
उन्होंने पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की जयपुर में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ हुई मुलाकात का भी उल्लेख किया।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर जयशंकर ने कहा कि बातचीत अंतिम चरण में है, लेकिन औपचारिक रूप से समझौता होने तक इसे पूरा नहीं माना जा सकता। एएनआई के अनुसार, उन्होंने बताया कि दोनों देशों की वार्ता टीमें बाकी बचे मुद्दों को सुलझाने में लगी हैं।
जयशंकर ने कहा कि बातचीत के आखिरी दौर में भी चुनौतियां आ सकती हैं। हालांकि, उन्होंने इन मुद्दों का विवरण देने से इनकार करते हुए कहा कि उनका समाधान निकालना वार्ता टीमों की जिम्मेदारी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भी कह चुके हैं कि व्यापार समझौते को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। दोनों देश एक साल से अधिक समय से बाजार तक पहुंच, शुल्क, कृषि उत्पादों और औद्योगिक वस्तुओं से जुड़े मतभेदों को दूर करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
जयशंकर ने उम्मीद जताई कि शेष मुद्दों का जल्द समाधान हो जाएगा और समझौते को लेकर अच्छी खबर मिल सकती है।
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