मुजफ्फरनगर में 75 लाख की अफीम बरामद, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर पुलिस ने ऑपरेशन सवेरा के तहत अंतरराज्यीय अफीम तस्कर को पकड़ा।
- आरोपी के पास से 7 किलो अफीम बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 75 लाख रुपये है।
- पुलिस तस्करी नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
मुजफ्फरनगर। सहारनपुर परिक्षेत्र में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सवेरा – नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर' अभियान के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर अफीम की तस्करी करने वाले एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है।
शनिवार अपराह्न करीब चार बजे पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि थाना बुढ़ाना पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 7 किलोग्राम अफीम बरामद की है, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब 75 लाख रुपये बताई गई है।
होटल के पास अफीम की खेप लेकर पहुंचा था आरोपी
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान धर्मपाल सिंह उर्फ पालू, निवासी जिला जींद (हरियाणा) के रूप में हुई है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक अंतरराज्यीय तस्कर मेरठ-करनाल हाईवे स्थित एक होटल के पास अफीम की खेप लेकर मौजूद है। सूचना मिलते ही बुढ़ाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके पर घेराबंदी की।
पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 7 किलोग्राम अफीम बरामद हुई।
बिहार और झारखंड से लाकर बेचता था अफीम
प्रेस वार्ता में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बिहार और झारखंड से कम कीमत पर अफीम खरीदकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में ट्रक चालकों समेत अन्य ग्राहकों को ऊंचे दामों पर बेचता था।
आरोपी ने बताया कि हाईवे किनारे स्थित होटलों के आसपास ट्रक चालकों को अपना मुख्य ग्राहक बनाकर वह लंबे समय से इस अवैध कारोबार को चला रहा था। इसी उद्देश्य से वह मुजफ्फरनगर आया था।
कई राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे
एसएसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों में आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास और उसके नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसकी सप्लाई चेन कितनी बड़ी है।
नशे के नेटवर्क को खत्म करना अभियान का उद्देश्य
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि 'ऑपरेशन सवेरा' का उद्देश्य केवल मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।
उन्होंने बताया कि इसी दिशा में लगातार अभियान चलाकर मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी ने बुढ़ाना पुलिस टीम की सराहना करते हुए बताया कि सूचना पर त्वरित कार्रवाई और बेहतर तरीके से ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पूरी टीम को 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
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