मुजफ्फरनगर कांवड़ यात्रा: बिजली विभाग ने 945 ट्रांसफार्मर और 9836 पोल किए सुरक्षित

HIGHLIGHTS
- कांवड़ मार्ग पर बिजलीघरों और अन्य विद्युत प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए भी अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।
- अधिक भीड़ वाले स्थानों पर बिजली विभाग ने दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए विशेष निगरानी बढ़ाई है।
- लाखों शिवभक्तों की आवाजाही को देखते हुए विभाग ने विद्युत उपकरणों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान जहां कई क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती को लेकर शिवभक्तों, सेवा शिविर संचालकों और होटल-ढाबा संचालकों की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहीं बिजली विभाग विद्युत सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।
विभाग ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर बिजली से जुड़े उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत पूरे मार्ग पर स्थित 945 ट्रांसफार्मरों और 9,836 बिजली के पोलों को सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है।
बिजली के सभी पोलों को पॉलीथिन से ढककर सुरक्षित किया गया है, ताकि बारिश या श्रद्धालुओं के संपर्क में आने से किसी भी तरह की विद्युत दुर्घटना न हो। वहीं ट्रांसफार्मरों के चारों तरफ बांस-बल्लियों की घेराबंदी कर उन्हें सुरक्षित किया गया है और पॉलीथिन से पूरी तरह कवर किया गया है।
इसके अलावा कांवड़ यात्रा मार्ग पर मौजूद बिजलीघरों और अन्य विद्युत प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। जिन स्थानों पर कांवड़ियों की अधिक आवाजाही रहती है, वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की ओर जाने वाले लाखों शिवभक्त मुजफ्फरनगर के रास्ते से गुजरते हैं। इसी को देखते हुए बिजली विभाग ने इस बार विद्युत उपकरणों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
हालांकि, दूसरी तरफ बिजली आपूर्ति को लेकर लोगों की नाराजगी भी बनी हुई है। कई सेवा शिविर संचालकों और जनप्रतिनिधियों ने कांवड़ यात्रा के दौरान लगातार बिजली आपूर्ति की मांग की है।
बिजली विभाग का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पूरे कांवड़ मार्ग पर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।
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