SIR में फर्जी फॉर्म-7 को लेकर ओवैसी का हमला, कहा- नहीं रुका तो सड़कों पर उतरेंगे

HIGHLIGHTS
- फॉर्म-7 का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने पर आपत्ति या नाम हटाने की मांग के लिए होता है।
- ओवैसी ने कहा कि इस तरह के आवेदन दाखिल होना पूरी तरह गलत है।
- उन्होंने कहा कि AIMIM इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।
हैदराबाद। एआईएमआईएम अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान फर्जी फॉर्म-7 आवेदन दाखिल किए जाने के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर यह सिलसिला नहीं रुका तो हैदराबाद में दिल्ली के जंतर-मंतर से भी बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे।
असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा?
शनिवार को मिलाद मैदान में 57वें 'जलसा-ए-मिलाद-उन-नबी' को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि यदि फर्जी फॉर्म-7 भरे जा रहे हैं तो चुनाव आयोग को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह मामला बंद नहीं हुआ तो हैदराबाद की सड़कों और गलियों में जंतर-मंतर से भी बड़े विरोध प्रदर्शन होंगे।
ओवैसी ने कहा कि इससे परेशानी बढ़ेगी और मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन चुप नहीं बैठेगी।
ओवैसी ने क्या आरोप लगाए?
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या निर्धारित आधारों पर किसी नाम को हटाने की मांग के लिए किया जाता है।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि भाजपा और संघ परिवार मुस्लिम मतदाताओं के नाम अंतिम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए फॉर्म-7 का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे प्रिंटेड फॉर्म-7 जमा किए जा रहे हैं, जिनमें उस व्यक्ति का नाम दर्ज है जिसका नाम हटाने की मांग की गई है, लेकिन फॉर्म जमा करने वाले व्यक्ति का नाम और उसकी जानकारी नहीं दी गई है।
ओवैसी ने कहा कि अगर ऐसा किया जा रहा है तो यह पूरी तरह गलत है।
चुनाव आयोग से कार्रवाई की अपील
ओवैसी ने भारत के चुनाव आयोग से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के मुख्य चुनाव अधिकारी और जिला चुनाव अधिकारियों को भी इस बारे में बताया जा रहा है और ऐसा नहीं होने दिया जा सकता।
SIR को लेकर पहले भी उठा चुके हैं सवाल
इससे पहले भी ओवैसी आरोप लगा चुके हैं कि मतदाता सूची का 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' यानी SIR वास्तव में पिछले दरवाजे से लाया गया NRC है। उन्होंने दावा किया था कि भाजपा इस प्रक्रिया का इस्तेमाल नागरिकता की परीक्षा के तौर पर करेगी।
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने कहा था कि उनकी पार्टी शुरुआत से ही SIR का विरोध करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया से लोगों के लिए मुश्किलें पैदा होंगी और अंत में इसका इस्तेमाल 'नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन' (NRC) के आधार के रूप में किया जाएगा।
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