नीट पेपर लीक पर संसद में चर्चा, बांसुरी स्वराज ने Gen-Z अंदाज में की PM मोदी की तारीफ

HIGHLIGHTS
- लोकसभा में नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने पीएम मोदी की Gen-Z स्टाइल में तारीफ की।
- बांसुरी स्वराज ने पब्लिक एग्जामिनेशन्स संशोधन विधेयक, 2026 को परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम कदम बताया।
- सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा धोखाधड़ी रोकने के लिए कानून में संशोधन, समयबद्ध जांच और कड़ी सजा का प्रस्ताव रखा है।
नई दिल्ली। लोकसभा के मानसून सत्र में नीट पेपर लीक मामले को लेकर चर्चा जारी है। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की Gen-Z भाषा में तारीफ की।
बांसुरी स्वराज ने कहा, "पीएम मोदी clocked It।" उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले को सही तरीके से समझा और समाधान की दिशा में कदम उठाया। Gen-Z के बीच भी "clocked It" शब्द का इस्तेमाल किसी की तारीफ करने के लिए किया जाता है।
एंटी पेपर लीक बिल के समर्थन में बोलीं बांसुरी स्वराज
पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 के समर्थन में चर्चा के दौरान बांसुरी स्वराज ने कहा, "Gen-Z की भाषा में कहूं तो, मुझे कहना होगा कि मोदीजी ने इस कानूनी समाधान को लाकर इसे सही समझा है।"
उन्होंने कहा कि वह इस संशोधन विधेयक के समर्थन में खड़ी हैं। उनके अनुसार, यह संशोधन एक क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला कदम है और इसकी जरूरत वर्तमान समय की मांग है।
बांसुरी स्वराज ने आगे कहा कि इस संशोधन को लाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब किसी प्रतियोगी परीक्षा की शुचिता प्रभावित होती है तो इसका असर सिर्फ एक उम्मीदवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कई छात्रों के भविष्य पर प्रभाव पड़ता है।
संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा कर परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए बड़े बदलावों की घोषणा की थी। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी, भरोसेमंद और तकनीक आधारित बनाने के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स बनाने की जानकारी दी थी।
छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि केंद्र सरकार परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए पहले ही कई कदम उठा चुकी है। इसमें दोषियों को जेल भेजना, फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाना और सख्त कानूनी प्रावधान शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अब परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है।
सरकार ने पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों में समयबद्ध जांच, तेज सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए 'पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट' में संशोधन का प्रस्ताव रखा है।
सरकार की ओर से यह कदम प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े हालिया विवादों के बाद उठाया गया है। नीट पेपर लीक मामले के बाद सरकार को विरोध का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
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