PM मोदी-अल्बानीज की बैठक में कई बड़े फैसले, ऑस्ट्रेलिया करेगा भारत में 500 मिलियन डॉलर का निवेश

HIGHLIGHTS
- पीएम नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज के बीच मेलबर्न में द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें व्यापार, सुरक्षा और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
- ऑस्ट्रेलियनसुपर ने भारत के राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (NIIF) में 50 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर निवेश करने का ऐलान किया।
- भारत और ऑस्ट्रेलिया ने परमाणु ऊर्जा, यूरेनियम आपूर्ति, रक्षा सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करने पर सहमति जताई।
मेलबर्न। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने, व्यापार, सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और खेल समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री सहित भारत के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बातचीत के बाद पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।
ऑस्ट्रेलिया से भारत में आएगा बड़ा निवेश
बैठक से पहले पीएम मोदी ने इंडिया-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को संबोधित किया, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख कारोबारी, निवेशक और शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख पेंशन फंड ऑस्ट्रेलियनसुपर ने भारत के राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (NIIF) में 50 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर निवेश करने की घोषणा की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस निवेश फैसले का स्वागत किया। यह निवेश पहले घोषित 24 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के निवेश से अलग होगा।
परमाणु ऊर्जा और खनिज क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते को आगे बढ़ाने के लिए तेजी से काम करेंगे। दोनों देश द्विपक्षीय निवेश संधि को लेकर भी प्रगति कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में एक अहम समझौता हुआ है, जिससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति आसान हो सकेगी। इसके अलावा महत्वपूर्ण खनिजों के लिए एक नए सहयोग गलियारे पर भी काम किया जाएगा।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों के साझा प्रयासों को और मजबूत करने की जरूरत बताई।
दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए संयुक्त घोषणा जारी की। इसके तहत भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा नवाचार गलियारे के जरिए दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी।
अल्बानीज बोले- भारत के साथ रिश्ते पहले से ज्यादा अहम
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि भारत के साथ उनकी रणनीतिक साझेदारी पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने संबंधों को और व्यापक बनाने पर काम कर रहे हैं।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप को समर्थन दिया है। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण तकनीक के क्षेत्र में नई साझेदारी को लेकर भी सहमति बनी है।
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