मुजफ्फरनगर में वारंटी को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, आरोपी को छुड़ाकर ले गए परिजन

HIGHLIGHTS
- वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और आरोपी के परिजनों के बीच विवाद हुआ।
- पुलिस के मुताबिक, आरोपी को हिरासत से छुड़ाकर मौके से भगाया गया।
- घटना में दरोगा रुपेश कुमार और कांस्टेबल कुलदीप को चोटें आईं।
मुजफ्फरनगर। जिले में वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर हमले का मामला सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि वारंटी और उसके परिजनों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने वारंटी को पुलिस हिरासत से छुड़ाकर भगा दिया। भीड़ से बचने के लिए पुलिसकर्मियों को वहां से निकलना पड़ा। घटना में उपनिरीक्षक रुपेश कुमार और कांस्टेबल कुलदीप घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मामला तितावी थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, सिखेड़ा गांव में उपनिरीक्षक रुपेश कुमार, कांस्टेबल कुलदीप और राजवीर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर साहिल उर्फ भूरिया को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंचे थे। पुलिस ने साहिल को वारंट के बारे में जानकारी देकर हिरासत में ले लिया। इसी दौरान उसने भागने की कोशिश की। आरोप है कि इसके बाद उसके परिजन पुलिसकर्मियों से उलझ गए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
मां, पत्नी और बहनों समेत कई लोगों पर मारपीट का आरोप
उपनिरीक्षक की तहरीर के अनुसार, साहिल की मां आयशा, पत्नी जाने जहां, बहनें सना, सानिया, सैफी और शोहा, भाई जैद समेत कुछ अज्ञात लोगों ने पुलिस टीम के साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि इन लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ लात-घूंसों से मारपीट की और साहिल को उनके कब्जे से छुड़ा लिया।
पुलिसकर्मियों ने जब साहिल का पीछा करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उन्हें पकड़कर फिर से मारपीट की। तहरीर में पुलिसकर्मियों की वर्दी फाड़ने और नेम प्लेट नोचने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने पीछा करते हुए मारपीट जारी रखी। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई।
मारपीट के दौरान गांव में अफरा-तफरी का दावा
पुलिस की तहरीर में बताया गया है कि मारपीट और शोर-शराबे के चलते गांव में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों के बीच भगदड़ जैसे हालात बन गए। भागने के दौरान कुछ लोगों के जूते-चप्पल भी वहीं छूट गए। पुलिस ने दावा किया कि घटना के बाद गांव में भय का माहौल बन गया।
साहिल को सक्रिय हिस्ट्रीशीटर बताया
पुलिस की तहरीर के मुताबिक, साहिल उर्फ भूरिया के खिलाफ अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे सिखेड़ा थाने का सक्रिय हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 36-ए है।
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि साहिल के खिलाफ सिखेड़ा थाने में एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में भी वह वांछित चल रहा था।
दरोगा और कांस्टेबल का मेडिकल, मुकदमा दर्ज
घटना के बाद उपनिरीक्षक रुपेश कुमार और कांस्टेबल कुलदीप का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद उपनिरीक्षक ने थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब नामजद आरोपियों और अज्ञात लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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