दो शिक्षकों के निलंबन पर भड़के प्रल्हाद जोशी, कर्नाटक सरकार से कार्रवाई वापस लेने की मांग

HIGHLIGHTS
- केंद्रीय मंत्री ने शिक्षकों के निलंबन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई
- प्रियंक खरगे ने सरकार के फैसले का समर्थन किया
- सरकारी शिक्षकों के RSS कार्यक्रम में शामिल होने पर सवाल उठाया गया
हुब्बली। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कर्नाटक सरकार पर ‘घृणा’ के साथ काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दो सरकारी स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मार्ग मार्च में शामिल होने के कारण निलंबित किए जाने की कार्रवाई को वापस लेने की मांग की।
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने सरकार की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी शिक्षक किसी ‘अन्य पंजीकृत संगठन’ के कार्यक्रम में क्यों शामिल हुए, जो स्पष्ट रूप से RSS की ओर इशारा था।
प्रल्हाद जोशी ने सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि शिक्षकों को निलंबित करने के बजाय क्या सरकार को लापता IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को तलाशने पर ध्यान नहीं देना चाहिए, जो कर्नाटक लोक सेवा आयोग में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के मामले में वांछित हैं।
जोशी ने पत्रकारों से कहा, ‘IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार लापता हैं। क्या सरकार का काम उन्हें पकड़ना है, या दो शिक्षकों को RSS की गतिविधियों में भाग लेने के लिए निलंबित करना है।’
शिक्षा विभाग ने यादगीर जिले के दो शिक्षकों गुरु राज जोशी और अन्ना साहेब देशमुख को RSS के मार्च में शामिल होने के आरोप में निलंबित किया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच लंबित है।
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