राहुल गांधी का प्रल्हाद जोशी पर निशाना, बोले- दुष्कर्मियों का बचाव करने वाले को बनाया शिक्षा मंत्री
By Hitesh — July 28, 2026

HIGHLIGHTS
- नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर राहुल गांधी ने पीएम के फैसले पर सवाल उठाए।
- प्रियंका गांधी के बयान के बाद संसद में हंगामा, किरेन रिजिजू ने जताई आपत्ति।
- प्रियंका गांधी ने आरोपों के समर्थन में सबूत और वीडियो पेश करने की बात कही।
Author: — Dainik Dehat
केंद्र सरकार में नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में कई लोग मौजूद थे, लेकिन प्रधानमंत्री ने ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया, जो उनके अनुसार दुष्कर्म के आरोपियों का बचाव करने वाला है। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री जैसे अहम पद पर ऐसी नियुक्ति गलत संदेश देती है और इस फैसले पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा ने ऐसे व्यक्ति को देश का शिक्षा मंत्री बनाया है, जो दुष्कर्म के आरोपियों का बचाव करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे अधिक खराब बात और क्या हो सकती है। उनके मुताबिक, मंत्रिमंडल में कई विकल्प मौजूद थे, लेकिन प्रधानमंत्री ने उसी व्यक्ति को चुना, जो दुष्कर्म के आरोपियों का बचाव करता है। राहुल गांधी ने इसे हैरान करने वाला फैसला बताते हुए प्रधानमंत्री की पसंद पर सवाल उठाए।
सदन में कैसे शुरू हुआ विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान से हुई। सदन में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नए शिक्षा मंत्री के रूप में ऐसे व्यक्ति का चयन किया, जिसने एक गर्भवती रेप पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति जताई थी। उनके इस बयान पर स्पीकर ने उन्हें टोका, जबकि सत्तापक्ष के सदस्यों ने जोरदार विरोध किया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि नए शिक्षा मंत्री पर की गई टिप्पणी एक तरह से चरित्र हनन है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें स्वीकार्य नहीं हैं और इसे सदन की कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए।
किरण रिजिजू ने यह भी कहा कि संसद में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए और बहस का स्तर नहीं गिराना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रियंका गांधी अपने आरोपों को प्रमाणित नहीं कर सकतीं तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए। इस पर प्रियंका गांधी ने जवाब देते हुए कहा कि वह अपने दावे के समर्थन में प्रमाण उपलब्ध कराएंगी।
संसद परिसर में क्या बोलीं प्रियंका गांधी?
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जब सरकार महिलाओं के अधिकार, महिला आरक्षण और महिलाओं को आगे बढ़ाने की बात करती है, तब इस तरह की नियुक्ति गलत संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गलत संदेश है और वह अपने दावों की पुष्टि करेंगी।
प्रियंका गांधी ने कहा कि उस समय का एक वीडियो मौजूद है और वह पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी सबूत जमा करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपने आरोपों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज और वीडियो उपलब्ध कराएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस नियुक्ति को लेकर गंभीर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
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