कर्ज की रकम वसूलने से खत्म नहीं होंगे माल्या पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप, बॉम्बे हाईकोर्ट में ED का जवाब

HIGHLIGHTS
- ईडी ने कहा कि बैंक कर्ज की वसूली होने से माल्या पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप खत्म नहीं होंगे।
- एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंक संघ को 14,131.6 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां सौंपी गई हैं।
- ईडी के मुताबिक, विजय माल्या भारत नहीं लौटे हैं और कानून की प्रक्रिया से अब भी बच रहे हैं।
शराब कारोबारी विजय माल्या को बैंकों से कर्ज की रकम वापस मिलने के बावजूद मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से राहत नहीं मिलेगी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा है कि बैंक अगर कर्ज की वसूली कर लेते हैं, तो इससे माल्या के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप खत्म नहीं होते। यह जवाब माल्या की ओर से 2020 में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।
माल्या ने अपनी याचिका में आपराधिक मामलों को खत्म करने की मांग की थी। उनका कहना था कि बैंकों के साथ उनका विवाद कर्ज की वसूली के बाद सुलझ चुका है। ईडी ने 8 सितंबर को हाईकोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल किया। एजेंसी ने बताया कि एसबीआई की अगुवाई वाले बैंक संघ को 14,131.6 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां सौंपी जा चुकी हैं।
ईडी ने स्पष्ट किया कि संपत्तियों से रकम की वसूली हो जाने के बावजूद माल्या के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप समाप्त नहीं होंगे। माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर चले गए थे। जांच प्राधिकरण की ओर से बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद वह पेश नहीं हुए। उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। नवंबर 2016 में उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया। ईडी के मुताबिक, माल्या अब भी कानून की प्रक्रिया से बच रहे हैं और भारत वापस नहीं लौटे हैं।
क्या कर्ज की वसूली से खत्म हो जाएंगे मामले?
ईडी ने हाईकोर्ट को बताया कि विजय माल्या भारत लौटने या सक्षम आपराधिक अदालत के अधिकार क्षेत्र में पेश होने से इनकार कर चुके हैं। हाईकोर्ट की ओर से पूछे जाने के बाद भी माल्या ने अपने जवाब में स्थिति स्पष्ट नहीं की।
एजेंसी ने कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शुरू किया गया आपराधिक अभियोजन केवल इस आधार पर खत्म नहीं किया जा सकता कि बैंकों ने बाद में संपत्तियों से पर्याप्त रकम वसूल कर ली है। ईडी के अनुसार, पीएमएलए के तहत संपत्तियों की बहाली वैध दावेदारों के नुकसान की भरपाई के लिए बनाया गया वैधानिक तंत्र है।
माल्या पर क्या आरोप हैं?
विजय माल्या पर मनी लॉन्ड्रिंग और कम से कम 3,500 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। यह रकम उनकी अब बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए 9,000 करोड़ रुपये के बैंक कर्ज का हिस्सा थी।
ईडी ने 2016 में माल्या की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। इनमें यूनाइटेड ब्रुअरीज होल्डिंग्स लिमिटेड (यूबीएचएल) के शेयर भी शामिल थे। वर्ष 2019 में एक विशेष अदालत ने एसबीआई और अन्य ऋणदाता बैंकों को माल्या की कुर्क की गई चल संपत्तियों का इस्तेमाल कर्ज की वसूली के लिए करने की अनुमति दी थी।
भारत क्यों नहीं लौटे माल्या?
ईडी ने अपने हलफनामे में कहा है कि माल्या लगातार कानून की प्रक्रिया से बच रहे हैं। वह भारत नहीं लौटे हैं और न ही सक्षम आपराधिक अदालत के अधिकार क्षेत्र में पेश हुए हैं।
एजेंसी के मुताबिक, बार-बार समन और गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद माल्या की अनुपस्थिति बनी हुई है। नवंबर 2016 में उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था। हाईकोर्ट की ओर से भारत लौटने को लेकर सवाल किए जाने पर भी उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
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