ग्वालियर मदरसा मामला: 26 बच्चों ने बताई आपबीती, मारपीट और प्रताड़ना के आरोप

HIGHLIGHTS
- ग्वालियर मदरसा मामला: 26 बच्चों ने बताई आपबीती, मारपीट और प्रताड़ना के आरोप
- लोहे की रॉड से पीटने का आरोप, ग्वालियर के मदरसे से 26 बच्चे रेस्क्यू
- मदरसे में बच्चों से कथित मारपीट, घंटों मुर्गा बनाने समेत कई गंभीर आरोप
ग्वालियर में एजी ऑफिस के पास स्थित दारुल कुरआन मदरसे से रेस्क्यू किए गए 26 बच्चों ने कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें 18 बालक और आठ बालिकाएं हैं। बाल अधिकार संरक्षण आयोग और बाल कल्याण समिति की कार्रवाई के बाद बच्चों के बयान दर्ज किए गए। अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते समय कई बच्चे भावुक हो गए।
बच्चों का आरोप है कि मदरसे में छोटी-छोटी गलतियों पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। उनके मुताबिक, उन्हें लोहे की रॉड से लटकाकर पीटा जाता था और घंटों तक मुर्गा बनाकर रखा जाता था। बच्चों ने अधिकारियों से कहा कि वे अब मदरसे में नहीं रहना चाहते और सुरक्षित माहौल में अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं।
खाने की व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें
बच्चों ने बताया कि उन्हें सुबह और शाम दो-दो रोटियां दी जाती थीं। भूख लगने पर अतिरिक्त खाना मांगने के बावजूद कथित तौर पर उन्हें मना कर दिया जाता था। अधिकारियों ने बच्चों के इन बयानों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
मदरसे में रहने वाली बच्चियों ने भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वहां आने वाली एक महिला, जिसे वे ‘बाजी’ कहती थीं, उनसे अपने घर के काम करवाती थीं। बच्चियों के अनुसार, उनसे झाड़ू-पोछा लगाने, बर्तन और कपड़े धोने के साथ टॉयलेट साफ करने जैसे काम कराए जाते थे। छत से कपड़े उतारने में देरी होने पर कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की जाती थी।
हिजाब पहनने के लिए दबाव बनाने का आरोप
बच्चियों ने आरोप लगाया कि उन पर जबरन हिजाब पहनने का दबाव बनाया जाता था। विरोध करने पर उन्हें डराने के लिए कथित तौर पर कहा जाता था कि ‘शैतान आ जाएगा।’ बच्चियों का कहना है कि यह नियम संबंधित महिला की अपनी बेटी पर लागू नहीं होता था।
बच्चियों ने एक अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि ‘बाजी’ का बेटा रात में खिड़की से उनकी ओर ताक-झांक करता था। उनके अनुसार, शिकायत करने के बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मदरसे की इमारत सील, दस्तावेजों की जांच जारी
बच्चों को रेस्क्यू किए जाने के बाद प्रशासन ने मदरसे की इमारत सील कर दी है। संचालक से मदरसा चलाने की अनुमति और अन्य संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।
झांसी रोड के एसडीएम अतुल सिंह ने बताया कि मदरसे को सील कर नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने बच्चों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
कलेक्टर रुचिका चौहान और बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा के सामने भी बच्चों ने अपने आरोप रखे। प्रशासन के मुताबिक, दस्तावेजों और बच्चों के बयानों की जांच के बाद मामले में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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