रेवंत रेड्डी की अमेरिका यात्रा को क्यों नहीं मिली मंजूरी? विदेश मंत्रालय ने बताई वजह

HIGHLIGHTS
- विदेश मंत्रालय ने रेवंत रेड्डी की ब्रिटेन और अमेरिका यात्रा को लेकर जानकारी दी।
- ब्रिटेन दौरे के लिए रेवंत रेड्डी को राजनीतिक मंजूरी मिली थी।
- अमेरिका यात्रा का प्रस्ताव निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की विदेश यात्रा को लेकर उठे सवालों पर विदेश मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ब्रिटेन यात्रा के लिए रेवंत रेड्डी को राजनीतिक मंजूरी दी गई थी। वहीं, अमेरिका यात्रा के लिए मंजूरी नहीं मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्रियों और अन्य गणमान्य लोगों की विदेश यात्राओं का आकलन विदेश मंत्रालय करता है। इसके बाद ही यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी दी जाती है।
जायसवाल ने कहा कि प्रस्तावित कार्यक्रम संबंधित पद और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए। उनके अनुसार, अमेरिका के लिए प्रस्तावित यात्रा इन मानकों के अनुरूप नहीं थी, इसलिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दी गई।
पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग से जुड़े मामले पर प्रतिक्रिया
पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग से जुड़े मामले पर भी विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी। जायसवाल ने बताया कि भारतीय उच्चायोग के सामने पार्किंग की सुविधा से संबंधित कुछ ढांचे हटा दिए गए थे। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से इन्हें नहीं हटाने का अनुरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद ये ढांचे हटा दिए गए।
इसके बाद भारत ने इसे अनुपातिक कार्रवाई बताते हुए दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर वाली लेन में मौजूद कुछ अस्थायी ढांचों को हटा दिया।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के भारत दौरे पर क्या कहा
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर जायसवाल ने कोई नई जानकारी देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस मामले में उनके पास साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है। जायसवाल ने कहा कि कोई अपडेट मिलने पर उसे साझा किया जाएगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के संभावित भारत दौरे को लेकर कूटनीतिक हलकों में चर्चा बनी हुई है।
दो जहाजों पर सवार 22 भारतीयों की जानकारी
समुद्री डकैती से जुड़ी खबरों के बीच विदेश मंत्रालय ने दो विदेशी-ध्वज वाले जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों को लेकर भी जानकारी दी। जायसवाल के मुताबिक, दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक चालक दल के सदस्य के रूप में मौजूद हैं। इनमें एक जहाज पर 16 और दूसरे पर छह भारतीय हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार सभी 22 भारतीय सुरक्षित हैं। जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्रालय संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा कल्याण सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि आगे कोई जानकारी मिलने पर उसे साझा किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय का नया कार्यालय कहां होगा
विदेश मंत्रालय के एक्सटर्नल पब्लिसिटी एंड पब्लिक डिप्लोमेसी यानी XPD डिवीजन के शास्त्री भवन से नए परिसर में स्थानांतरण को लेकर भी जायसवाल ने जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय के अधिकारियों और मीडिया के बीच शास्त्री भवन में दशकों से बातचीत और संपर्क रहा है, इसलिए वहां से जुड़ी यादें हमेशा बनी रहेंगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि मंत्रालय नए परिसर से भी मीडिया के साथ काम जारी रखने के लिए उत्साहित है।
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