जालौन बार एसोसिएशन के आरोपों पर SDM न्यायिक रिंकू सिंह राही का जवाब, बोले- साक्ष्य के साथ करें शिकायत

HIGHLIGHTS
- एसडीएम न्यायिक ने कहा कि न्यायालय की कार्यवाही अब ऑनलाइन रिकॉर्डिंग के जरिए उपलब्ध है।
- रिंकू सिंह राही ने उच्च न्यायालय की तय शिकायत प्रक्रिया का पालन करने की बात कही।
- डीएम द्वारा मामले की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व को सौंपी गई है।
जालौन। जिला बार एसोसिएशन की ओर से लगाए गए आरोपों पर एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया के जरिए अपना विस्तृत पक्ष रखा है। उन्होंने फेसबुक के एसडीएफ ज्यूडिशियल ऑफिशियल पेज पर बयान जारी करते हुए कहा कि वर्तमान समय में न्यायालय की कार्यवाही ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को न्यायालय की कार्यप्रणाली को लेकर कोई आपत्ति है या कोई आरोप लगाना है तो उसे कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग में संबंधित समय (टाइम स्टैंप) का उल्लेख करते हुए साक्ष्य के साथ शिकायत करनी चाहिए।
रिंकू सिंह राही ने कहा कि बिना ठोस प्रमाण के लगातार लगाए जा रहे आरोपों को किस नजरिए से देखा जाए, यह अलग विषय है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने न्यायिक अधिकारियों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया तय की है और शिकायतकर्ताओं को उसी व्यवस्था का पालन करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी पक्षकार को न्यायालय के किसी फैसले से असंतोष है तो उसके पास अपील करने का कानूनी अधिकार मौजूद है। अपीलीय न्यायालय में निर्णय को चुनौती देने के साथ जरूरत पड़ने पर गलत निर्णय के लिए कार्रवाई की मांग भी की जा सकती है।
बार एसोसिएशन की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
अपने बयान में एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने बार एसोसिएशन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में वादी लगातार न्यायालय में उपस्थित होकर अपनी पैरवी करता रहा, लेकिन इसके बावजूद पैरवी के अभाव का आधार बताते हुए वादों को खारिज कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में बार एसोसिएशन की ओर से कभी आपत्ति नहीं जताई गई, जबकि यह न्यायिक प्रक्रिया की गंभीर अनदेखी और पक्षकारों के साथ अन्याय था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में नुकसान केवल संबंधित पक्षकारों को ही उठाना पड़ा।
राही ने दावा किया कि न्यायालयों में ऑनलाइन रिकॉर्डिंग की व्यवस्था शुरू होने से भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा बनने की संभावना कम होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी पक्षकार के साथ अन्याय होता है तो न्यायालय की रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में उपलब्ध रहेगी, जिससे वास्तविक तथ्यों की पुष्टि की जा सकेगी।
यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पिछले कुछ दिनों से जिला बार एसोसिएशन और रिंकू सिंह राही के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
एकतरफा कार्रवाई के लगाए गए थे आरोप
जिला जालौन बार एसोसिएशन की ओर से उपाध्यक्ष ओमनारायण सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा था। इसमें एसडीएम न्यायिक के अधिवक्ताओं के प्रति व्यवहार को लेकर सवाल उठाए गए थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वादों का निस्तारण मनमाने तरीके से किया जा रहा है। इस मामले में जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
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