सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, राजघाट जाकर लद्दाख के लिए होंगे रवाना

HIGHLIGHTS
- सोनम वांगचुक सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज हुए, अब लद्दाख रवाना होंगे।
- अस्पताल से निकलने से पहले उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने की बात कही।
- NEET मामले को लेकर जंतर-मंतर पर 26 दिन की भूख हड़ताल के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ।
नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सोमवार को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहे हैं। उन्होंने वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी। सोनम वांगचुक ने बताया कि अस्पताल से निकलने के बाद वह सबसे पहले दिल्ली स्थित राजघाट जाएंगे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह अपने घर लद्दाख के लिए रवाना होंगे।
सोनम वांगचुक ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था, जहां उन्होंने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की थी।
सोनम वांगचुक ने जारी किया वीडियो
अस्पताल से डिस्चार्ज होने से पहले सोनम वांगचुक ने एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि आखिरकार वह दिन आ गया है जब उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल रही है। उन्होंने बताया कि अब वह काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं, धीरे-धीरे खाना खा रहे हैं और शरीर में ताकत वापस आ रही है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल से निकलने के बाद और लद्दाख पहुंचने से पहले वह राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि देंगे। सोनम वांगचुक ने आंदोलन और अपनी आवाज उठाने में सहयोग करने वाले लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वह सफल रहे।
सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों और उनकी देखभाल करने वाले स्टाफ का भी आभार जताया।
26 दिनों तक की थी भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक ने देश में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले के विरोध में 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। इसके बाद उनकी तबीयत लगातार खराब होती गई।
उन्हें पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया। केंद्र सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की ओर से छात्रों की मांगों पर सकारात्मक रुख और मिले आश्वासन के बाद शुक्रवार रात सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला किया था।
डॉक्टरों की निगरानी में दो दिनों तक ग्लूकोज और हल्का आहार लेने के बाद उनके सभी मेडिकल पैरामीटर सामान्य पाए गए। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से घर जाने की अनुमति दे दी। अब वह अपने गृह राज्य लद्दाख के लिए रवाना होंगे।
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