नगर निकाय भर्ती मामले में सुजीत बोस की जमानत याचिका खारिज

HIGHLIGHTS
- कलकत्ता हाई कोर्ट ने सुजीत बोस की जमानत याचिका खारिज की।
- ईडी ने जमानत मिलने पर साक्ष्य नष्ट किए जाने की आशंका जताई।
- सुजीत बोस को 12 मई को गिरफ्तार किया गया था।
कोलकाता। नगर निकाय भर्ती भ्रष्टाचार मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने पूर्व दमकल मंत्री सुजीत बोस को राहत देने से इनकार कर दिया है। मंगलवार को न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की पीठ ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद उसे खारिज कर दिया।
अदालत के इस फैसले के बाद सुजीत बोस को दुर्गापूजा के दौरान भी जेल में रहना होगा। श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब की दुर्गापूजा के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सुजीत बोस इस बार पूजा में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
सुनवाई के दौरान ईडी ने अदालत में दलील दी कि जमानत मिलने पर सुजीत बोस अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर साक्ष्यों को नष्ट कर सकते हैं। इससे जांच प्रभावित होने की आशंका है।
अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि, याचिका नामंजूर करने के पीछे अदालत की ओर से अलग से कोई कारण नहीं बताया गया।
12 मई को हुई थी गिरफ्तारी
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद सुजीत बोस सहित तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू हुई थी। नगर निकाय और शिक्षक भर्ती से जुड़े मामलों की जांच ईडी और सीबीआई कर रही हैं। सुजीत बोस को 12 मई को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद से ही वह जेल में बंद हैं। नगर निकाय भर्ती मामले के अलावा जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और उनके बेटे के रेस्तरां में कथित गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े आरोप भी सामने आए। इससे पहले भी सुजीत बोस की जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
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